
भाजपा ने नगर परिषद प्रशासन को दिए सुझाव, हजारों परिवारों को राहत दिलाने की उठाई मांग
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) शहरी सेवा शिविर-2026 के दौरान पट्टा जारी करने में आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भाजपा जिला मंत्री शिमला मेहन्दीरत्ता के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को नगर परिषद प्रशासक एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर तथा आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिला मंत्री शिमला मेहन्दीरत्ता ने अधिकारियों को बताया कि टाउन क्षेत्र की इन्दिरा कॉलोनी, पारीक कॉलोनी तथा अन्य कच्ची बस्तियों में बड़ी संख्या में पट्टे वर्षांे से लंबित हैं। पूर्व में आयोजित पट्टा शिविरों के दौरान सामने आई बाधाओं का आज तक समाधान नहीं हो पाया है, जिसके कारण हजारों परिवार पट्टों से वंचित हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि जिन लोगों के पास कच्ची बस्ती के पुराने पीले पट्टे हैं और जिनकी संपत्तियां आगे विक्रय हो चुकी हैं, उनसे मूल दस्तावेज सरेंडर करवाकर कब्जा नियमन के तहत नए पट्टे जारी किए जाएं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी और नगर परिषद को भी करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही बताया गया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं भूमिहीन परिवारों को वर्ष 1976 में रियायती दर पर आवंटित भूखंडों के कई मामलों में नामांतरण नहीं हो पा रहा है। ऐसे मामलों में नामांतरण और नए पट्टे जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की गई। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत पट्टे की अनिवार्यता पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि योजना की गाइडलाइन में भूमि स्वामित्व का उल्लेख है, जबकि कई पात्र परिवार केवल पट्टा नहीं होने के कारण योजना के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि कब्जेशुदा एवं नियमन योग्य भूमि पर निवास कर रहे पात्र परिवारों को भी योजना का लाभ दिया जाए। यह भी सुझाव दिया गया कि पुराने एवं जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को शपथ पत्र के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए, ताकि वे नए मकान का निर्माण कर सकें। भाजपा नेताओं ने वर्ष 2017-18 में जंक्शन की श्याम सिंह कॉलोनी में लागू किए गए मॉडल का भी उल्लेख किया, जिसमें मूल दस्तावेज सरेंडर करवाकर नए पट्टे जारी किए गए थे और इससे नगर परिषद को राजस्व प्राप्त होने के साथ-साथ आमजन को भी लाभ मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि शहरी सेवा शिविर-2026 के दौरान इन सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि कच्ची बस्तियों और अन्य क्षेत्रों में निवास कर रहे हजारों परिवारों को राहत मिल सके। इस मौके पर पूर्व पार्षद महादेव भार्गव, हिमांशु महर्षि, नितिन बंसल, राकेश मेहन्दीरत्ता, राजेन्द्र वर्मा, राजपाल सिंह, नरेश सिहाग, हाकम सिंह सहित सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
