
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों सहित पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में पंजाब से इंदिरा गांधी नहर व अन्य सिंचाई परियोजनाओं में आ रहे दूषित पानी को लेकर उठे सवाल पर राज्य सरकार ने स्पष्ट जवाब दिया है। श्रीकरणपुर विधायक तथा श्रीगंगानगर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रुपिंदरसिंह रूबी द्वारा विधानसभा के नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख प्रस्ताव के माध्यम से पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने कहा कि दूषित पानी से कैंसर या अन्य किसी गंभीर बीमारी की कोई प्रमाणिकता अभी तक सिद्ध नहीं हुई है। राज्य सरकार के अनुसार-विभागीय टिप्पणी में स्पष्ट किया गया है कि पंजाब के लुधियाना शहर का प्रदूषित जल बुड्ढा नाला के माध्यम से सतलुज नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। साथ ही जालंधर, नकोदर और फगवाड़ा का सीवरेज जल एवं औद्योगिक अपशिष्ट भी सतलुज नदी में मिल रहे हैं। हरिके बैराज के माध्यम से यह पानी राजस्थान की नहरों में पहुंच रहा है। राज्य सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए अंतरराज्यीय स्तर पर लगातार प्रयास किए हैं। पंजाब सरकार से निरंतर पत्राचार कर दूषित पानी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है। सतलुज नदी के जल संग्रहण क्षेत्र में 53 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और नए प्लांटों का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है।

सरकार ने कहा है कि-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा श्रीगंगानगर जिले की नहर प्रणालियों से आने वाले पानी के सभी पैरामीटर की नियमित जांच की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्पष्ट किया गया है कि दूषित जल से कैंसर या अन्य बीमारियों के कोई पुष्ट मामले आज तक सामने नहीं आए हैं। सरकार ने कहा कि दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस मामले को अंतरराज्यीय बैठक में भी प्रमुखता से उठाया जा रहा है और पंजाब सरकार से सहयोग की अपील की जा रही है। विधायक रुपिंदरसिंह रूबी द्वारा यह मुद्दा क्षेत्र के किसानों और आमजन की लंबे समय से चली आ रही चिंता के दृष्टिगत उठाया गया है। हालांकि सरकार का आधिकारिक रुख साफ है कि फिलहाल स्वास्थ्य संबंधी कोई प्रमाणित खतरा नहीं पाया गया है, फिर भी निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।यह जानकारी राज्य सरकार की विभागीय टिप्पणी के आधार पर जारी की गई है। उल्लेखनीय की पंजाब से आने वाले दूषित पानी की समस्या पिछले लगभग डेढ़ दशक से पूरे पश्चिमी राजस्थान में छाई हुई है। इसके समाधान के लिए ना तो राज्य सरकारी गंभीर हैं और ना ही केंद्र सरकार। इस गंदे पानी से अनेक प्रकार की बीमारियां फैल रही है लेकिन प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो वह पल्ला झाड़ जाती है।
