
गेहूं खरीद घोटाले की सीबीसीबी जांच की मांग, किसान यूनियन ने सरकार को चेताया
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) भारतीय किसान यूनियन ने अटल भूजल योजना के तहत निर्मित डिग्गियों की लंबित अनुदान राशि का भुगतान शीघ्र करवाने तथा गेहूं खरीद में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर राजस्थान सरकार के प्रभारी सचिव को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिलेभर में सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2024-25 में फरवरी और मार्च माह के दौरान अटल भूजल योजना के अंतर्गत जिले में बड़ी संख्या में किसानों ने डिग्गियों का निर्माण करवाया था। किसानों ने अपनी खड़ी एवं पकी हुई फसलों को नुकसान पहुंचाकर तथा कई स्थानों पर खेतों के बीच रास्ते निकालकर यह निर्माण कार्य पूरा किया। अधिकांश किसानों ने सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान राशि मिलने की उम्मीद में ब्याज पर ऋण लेकर निर्माण करवाया था। ज्ञापन के अनुसार योजना के तहत डिग्गी निर्माण करने वाले 829 किसानों को आज तक अनुदान राशि का भुगतान नहीं हुआ है। किसानों को आश्वासन दिया गया था कि निर्माण पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर लगभग तीन-तीन लाख रुपये की अनुदान राशि उनके खातों में जमा करवा दी जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद एक भी रुपया जारी नहीं किया गया। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है और कई किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। किसान यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में अटल भूजल योजना के अंतर्गत नए डिग्गी निर्माण कार्यों के लिए प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं, जबकि पिछले कार्यों का भुगतान अब तक लंबित है। किसानों द्वारा कई बार प्रशासन और सरकार को इस संबंध में अवगत करवाने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। यूनियन ने बताया कि दो बार प्रशासन द्वारा समय मांगा गया, लेकिन निर्धारित अवधि में भी भुगतान नहीं किया गया। इसके साथ ही ज्ञापन में हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद के दौरान बड़े स्तर पर कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन का आरोप है कि कुछ व्यापारियों ने किसानों को गुमराह कर उनके नाम और गिरदावरी का दुरुपयोग करते हुए बार-बार गेहूं खरीद एजेंसियों को फसल बेचकर सरकारी बोनस का अनुचित लाभ उठाया। इससे वास्तविक किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का पूरा लाभ नहीं मिल पाया तथा उन्हें कम कीमत पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सीबीसीबी से करवाई जाए तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि लंबित अनुदान राशि जल्द जारी नहीं की गई और गेहूं खरीद प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जिलेभर में सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर सुभाष मक्कसर, रायसाहब चाहर मल्लड़ खेड़ा , रविन्द्र सिंह, जाकिर हुसैन, लखवीर सिंह, कुलविंदर सिंह, दिनेश गोदारा आदि लोग मौजूद रहें।
