
ई-धरती पोर्टल, गिरदावरी भुगतान व नए पटवार मंडलों के गठन सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान पटवार संघ जिला हनुमानगढ़ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर को संबोधित ज्ञापन प्रभारी सचिव के माध्यम से भेजते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।जिला अध्यक्ष अमर सिंह दहिया ने बताया कि पटवार संघ की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों के संबंध में पूर्व में भी अनेक बार ज्ञापन एवं पत्राचार किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पटवारी एवं गिरदावर वर्ग में रोष व्याप्त है।ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग डीसीएस गिरदावरी कार्य के भुगतान को लेकर उठाई गई। संघ का कहना है कि विगत वर्षों में पटवारियों एवं सर्वेयरों द्वारा किए गए डीसीएस गिरदावरी कार्य का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। साथ ही आगामी खरीफ 2083 की गिरदावरी का भुगतान सीधे संबंधित पटवारी एवं सर्वेयर के बैंक खातों में डीडीओ के माध्यम से करने की व्यवस्था लागू की जाए।संघ ने ई-धरती एवं अपना खाता पोर्टल के सुचारू संचालन की मांग भी प्रमुखता से उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले लगभग दो माह से पोर्टल नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहा है, जिसके कारण नामांतरण, सीमा ज्ञान, नकल जारी करने तथा दस्तावेज पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों और काश्तकारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा राजस्व कर्मचारियों को आमजन के रोष का सामना करना पड़ रहा है।पटवार संघ ने रहन एवं रहन मुक्त नामांतरण प्रक्रिया में प्रस्तावित संशोधनों पर भी आपत्ति जताते हुए मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार नामांतरण के माध्यम से ही जमाबंदी में परिवर्तन की प्रक्रिया जारी रखी जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।सीमा ज्ञान के ऑनलाइन आवेदनो को लेकर भी संघ ने गंभीर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में बताया गया कि एक ही भूमि के लिए बार-बार आवेदन, विवादित खसरों के आवेदन तथा संयुक्त खातों में बिना सहमति के किए जा रहे आवेदनों के कारण जिले में हजारों आवेदन लंबित हो चुके हैं। संघ ने मांग की कि ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने से पूर्व संबंधित पटवारी की तथ्यात्मक रिपोर्ट लेना अनिवार्य किया जाए।इसके अतिरिक्त प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक अलग पटवार मंडल का सृजन करने की मांग भी रखी गई, ताकि किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़े और राजस्व सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र निम्मीवाल, जिला अध्यक्ष अमर सिंह दहिया, चंद्रभान ज्याणी, अमरीश जाखड़, राजेश शर्मा, प्रमोद सहित बड़ी संख्या में पटवारी एवं गिरदावर उपस्थित रहे। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर राजस्व कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगी। – ई-धरती पोर्टल, गिरदावरी भुगतान व नए पटवार मंडलों के गठन सहित पांच प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापनहनुमानगढ़। राजस्थान पटवार संघ जिला हनुमानगढ़ ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने प्रमुख शासन सचिव, राजस्व विभाग, राजस्थान सरकार, जयपुर को संबोधित ज्ञापन प्रभारी सचिव के माध्यम से भेजते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।जिला अध्यक्ष अमर सिंह दहिया ने बताया कि पटवार संघ की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों के संबंध में पूर्व में भी अनेक बार ज्ञापन एवं पत्राचार किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पटवारी एवं गिरदावर वर्ग में रोष व्याप्त है।
ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग डीसीएस गिरदावरी कार्य के भुगतान को लेकर उठाई गई। संघ का कहना है कि विगत वर्षों में पटवारियों एवं सर्वेयरों द्वारा किए गए डीसीएस गिरदावरी कार्य का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। साथ ही आगामी खरीफ 2083 की गिरदावरी का भुगतान सीधे संबंधित पटवारी एवं सर्वेयर के बैंक खातों में डीडीओ के माध्यम से करने की व्यवस्था लागू की जाए।संघ ने ई-धरती एवं अपना खाता पोर्टल के सुचारू संचालन की मांग भी प्रमुखता से उठाई। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले लगभग दो माह से पोर्टल नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहा है, जिसके कारण नामांतरण, सीमा ज्ञान, नकल जारी करने तथा दस्तावेज पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों और काश्तकारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा राजस्व कर्मचारियों को आमजन के रोष का सामना करना पड़ रहा है।पटवार संघ ने रहन एवं रहन मुक्त नामांतरण प्रक्रिया में प्रस्तावित संशोधनों पर भी आपत्ति जताते हुए मांग की कि पूर्व व्यवस्था के अनुसार नामांतरण के माध्यम से ही जमाबंदी में परिवर्तन की प्रक्रिया जारी रखी जाए, जिससे किसानों को अनावश्यक दिक्कतों का सामना न करना पड़े।सीमा ज्ञान के ऑनलाइन आवेदनो को लेकर भी संघ ने गंभीर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में बताया गया कि एक ही भूमि के लिए बार-बार आवेदन, विवादित खसरों के आवेदन तथा संयुक्त खातों में बिना सहमति के किए जा रहे आवेदनों के कारण जिले में हजारों आवेदन लंबित हो चुके हैं। संघ ने मांग की कि ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने से पूर्व संबंधित पटवारी की तथ्यात्मक रिपोर्ट लेना अनिवार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक पुनर्गठन के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर एक अलग पटवार मंडल का सृजन करने की मांग भी रखी गई, ताकि किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़े और राजस्व सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकें।इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र निम्मीवाल, जिला अध्यक्ष अमर सिंह दहिया, चंद्रभान ज्याणी, अमरीश जाखड़, राजेश शर्मा, प्रमोद सहित बड़ी संख्या में पटवारी एवं गिरदावर उपस्थित रहे। संघ पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर राजस्व कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगी।
