
व्यवसायी दिवस तो दशकों पूर्व से ही शुरु हो जाना चाहिए था, व्यवसायी ही है असली कर्मयोगी.-स्वामी ब्रह्मदेव
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा व्यवसायी एवं उद्यमी दिवस का आयोजन मीरा मार्ग पर पीएनबी के सामने कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम में पद्मश्री स्वामी ब्रह्मदेव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले व्यवसायियों, उद्यमियों, सीए, अधिवक्ताओं, डॉक्टर्स एवं समाजसेवियों का सम्मान किया गया।अपने उद्बोधन में स्वामी ब्रह्मदेव ने कहा कि व्यापारी एवं उद्यमी देश की अर्थव्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण धुरी हैं। सर्वाधिक कर देने, उद्योगों का विस्तार करने तथा करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने वैश्य महासम्मेलन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि व्यवसायी सम्मान समारोह तो दशकों पूर्व शुरु होना चाहिए था क्योंकि व्यवसायी ही असली कर्मयोगी हैं। ऐसे सम्मान समारोह समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।वैश्य महासम्मेलन के जिलाध्यक्ष विमल बिहाणी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि वैश्य समाज देश की सबसे मजबूत कड़ी है।

इस सम्मलेन का उद्देश्य इस संगठन द्वारा कमजोर तबके की सहायता करना है। व्यवसायी दिवस मनाकर हम अप्रत्यक्ष रूप से व्यवसायियों का मनोबल भी बढ़ा रहे है।कार्यक्रम के प्रारंभ में युवा इकाई एवं महिला इकाई द्वारा स्वामी ब्रह्मदेव एवं निज़्यानंद को अभिनंदन एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।महेश नवमी पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाजसेवी महेश नढाणी का भी विशेष सम्मान किया गया।विमल बिहाणी, मनोज जाजू,विनोद बिहानी, राजेश जैन, ज्ञानेश्वर अग्रवाल, अश्वनी बिहानी, प्रदीप चितलांगिया, पवन जैन, विशाल सिंगला, निशू बंसल, परविंदर मित्तल पिंटा, शिव अग्रवाल, कुमुद गुप्ता, नीरज मित्तल, संदीप शेरेवाला, डॉ एनके गुप्ता,डॉ शैलेश गोयल,सीए रविंद्र अग्रवाल, एडवोकेट विनोद गोयल, एडवोकेट नवल खेमका, भगवानदास चांडक, राघव चांडक, अजय झूंथरा का कार्यक्रम में सम्मान किया गया।कार्यक्रम में वैश्य समाज के अनेक डॉक्टर्स, सीए, बीमा एवं बैंकिंग से जुड़े गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों एवं उद्यमियों ने भाग लिया।
