
जुलाई से सभी पंचायतों में कार्य शुरू करने का आश्वासन, सैकड़ों महिलाओं सहित मजदूरों ने किया प्रदर्शन
हनुमानगढ़(भटनेर एक्सप्रेस) मनरेगा मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेतृत्व में जिला परिषद कार्यालय के समक्ष चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान मजदूरों के भारी आक्रोश को देखते हुए जिला परिषद प्रशासन को वार्ता के लिए आगे आना पड़ा। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील अरोड़ा सहित अन्य अधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर मजदूरों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनाई। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।धरने के दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिले की अनेक ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य बंद पड़े हैं, जिससे हजारों ग्रामीण मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों ने नियमित रोजगार, पूर्ण मजदूरी भुगतान, हाजिरी की पारदर्शी व्यवस्था तथा कार्यस्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।वार्ता के दौरान प्रशासन और यूनियन के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि 1 जुलाई 2026 से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद श्रमिकों को नियमित रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी तकनीकी कारणवश ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से मजदूरों की हाजिरी दर्ज नहीं हो पाती है तो संबंधित श्रमिक स्थानीय ग्राम पंचायत सचिव को सूचना देकर अपनी ऑफलाइन हाजिरी दर्ज करवा सकेंगे, जिससे किसी भी मजदूर का रोजगार प्रभावित नहीं होगा।बैठक में ग्रामीण आवास योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि आवास योजना से वंचित पात्र परिवारों के लिए 29 जून को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। जिन लोगों का नाम सर्वे सूची में शामिल नहीं है, वे ग्राम सभा के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।मजदूर यूनियन ने मनरेगा मजदूरी बढ़ाने और रोजगार दिवसों की संख्या बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। प्रशासन ने इन मांगों को उच्च स्तर पर भेजने और नियमानुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। साथ ही मनरेगा के तहत 125 दिनों के रोजगार को सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने की बात कही गई।

अन्य मांगों पर भी सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया गया।धरने में बड़ी संख्या में महिला मजदूरों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। भीषण गर्मी के बावजूद सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मजदूर पूरे दिन धरनास्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे। वार्ता के सफल होने और प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ही मजदूरों ने धरना समाप्त किया।सभा को कांग्रेस नेता रामेश्वर वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा स्वामी, जिला अध्यक्ष जगजीत सिंह जग्गी, जिला उपाध्यक्ष मनीराम मेघवाल, प्रहलाद बहलोलनगर, चंद्रकला वर्मा, मेवाराम, शेर सिंह शाक्य, ओम पूनिया, छगनलाल जिनागल, सुशील खान, वेद मक्कासर, सुरेश जोड़कियां, बृजलाल स्वामी, देवीलाल धोलीपाल, राजेंद्र अराईयावाली, श्योपत राम हिरणवाली, जय नारायण मेहरड़ा, सरोज, निर्मल कौर, इकबाल सिंह, श्रवन सिंह, पोखराम, विनोद वर्मा, मनोज कुमार, सुरेंदर बनवाला, रूपराम सुभानवाला, परमजीत कौर सहजीपुरा, कृष्णा देवी, नसीब कौर डबली, मंजीत खरलिया, माया देवी माणुका, सुखपाल बहलोलनगर, मदनलाल स्वामी, महेन्दरकोर मिड्ढारोही सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों की जीवनरेखा है और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से सहमति के अनुसार सभी निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की मांग की।
