
कल कार्यवाही किए जाने की संभावना
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) श्रीगंगानगर जिले और हनुमानगढ़ जिले में पिछले काफी समय से नशीली दवाइयां की अवैध रूप से तस्करी कर रहे एक बड़े तस्कर अश्विनी शर्मा द्वारा सदर थाना अंतर्गत नोजगे पब्लिक स्कूल के निकट अपने आलीशान आवास के किए हुए कब्जे को पुलिस द्वारा प्रशासन के सहयोग से कल रविवार को हटाने की कार्यवाही की जाएगी। सदर थाना के प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर सुभाषचंद्र ढील ने बताया कि पहले यह कार्यवाही आज की जानी थी,लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों की अन्यत्र व्यस्तता के कारण इस कार्यवाही को अब कल रविवार को किया जाएगा। इस कार्यवाही में नगर विकास न्यास के अधिकारियों व कर्मचारी का सहयोग लिया जाएगा। तस्कर अश्विनी शर्मा का नोजगे पब्लिक स्कूल के पास आलीशान तथा बहुमंजिला भवन है। यहीं पर उसका गोदाम भी है।पीछे की तरफ खाली भूखंड भी है। पुलिस के मुताबिक भवन और गोदाम की पैमाइश करवाई गई तो इसका कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के रूप में सामने आया। आलीशान मकान की सीढियां और बाहर की तरफ बना छज्जा कब्जे की जद्द में आया है। इस स्ट्रक्चर को कल हटाया जाएगा। अश्विनी शर्मा लगभग 27-28 दिनों से फरार है।उसके घर परिवार के सदस्य भी इधर-उधर भूमिगत हो गए हैं।उसके मकान के नजदीक ही एक करीबी रिश्तेदार का भी मकान है। यह रिश्तेदार भी मकान को बंद करके गायब है। अश्विनी शर्मा पर पुलिस का आरोप है कि वह श्री गंगानगर शहर ही नहीं पूरे जिले तथा साथ लगते हनुमानगढ़ जिले में पिछले दो-तीन वर्षों से बड़े पैमाने पर हरियाणा के अंबाला से नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाले कैप्सूल प्रेगाबलीन और टपेंटाटोल टेबलेट्स की सप्लाई कर रहा है।

यह सप्लाई नशा करने वालों के पास आगे पहुंचाई जाती है। इसके लिए अश्विनी शर्मा ने अपना पूरा नेटवर्क बना रखा था।सदर थाना पुलिस ने 28 दिन पहले उसके घर के पास ही चार लाख 68000 नशीले कैप्सूल और गोलियों का जखीरा पकड़ा था। इस ठिकाने से कैप्सूल और गोलियों के कार्टून शहर के अन्य इलाकों में भेजे जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने अभी तक अश्विनी शर्मा के नेटवर्क में शामिल चार व्यक्तियों को पकड़ा है। इनमें एक ई रिक्शा चलने वाला, दूसरा माल को सुरक्षित अगले ठिकाने तक पहुंचाने वाला, तीसरा माल खरीदने वालों से रूपयों की कलेक्शन करने वाला और चौथा पदमपुर में अश्विनी के लिए यह दवाइयां सप्लाई करने वाला शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अश्विनी शर्मा अंबाला से इतने बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कैप्सूल और गोलियां श्रीगंगानगर शहर में पहुंचा रहा था। अंबाला से हर तीसरे दिन पिकअप वाहन दवाइयां के 24-25 कार्टून लेकर श्रीगंगानगर पहुंचते थे।इनमें लगभग चार लाख कैप्सूल और गोलियां होती थीं। प्रेगाबलीन कैप्सूल की निर्माता दवा कंपनी विनमैक्स हेल्थकेयर फर्म के संचालक शशिभूषण काजल ने विगत सोमवार को अश्विनी और उसके अज्ञात साथियों पर उनके ब्रांड का दुरुपयोग कर नकली तथा नशीली दवाइयां का निर्माण कर बिक्री करने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज करवाया है। 28 दिन पहले नशीली दावों का जखीरा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने अश्विनी शर्मा पर शिकंजा कसा तो वह गायब हो गया। उसके नेपाल बॉर्डर तक पहुंचाने का पता चलने पर पुलिस ने उसका लुक आउट नोटिस जारी करवाया है। पुलिस और दबाव बनाने के लिए अश्विनी शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों की सभी तरह की चल-अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड भी जुटा रही है। इन संपत्तियों को पुलिस अटैच करने की कार्यवाही भी कर रही है।
