
तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह, भजन-कीर्तन और जयघोष से भक्तिमय हुआ शहर
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) जंक्शन में सोमवार से श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता से निकली 551 कलशों की शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर श्रद्धा और आस्था के साथ यात्रा में भाग लिया, वहीं भजनों, ढोल-नगाड़ों और जयघोष से पूरा मार्ग गूंज उठा।कलश यात्रा का शुभारंभ जंक्शन धान मंडी स्थित नवदुर्गा मंदिर धर्मशाला से हुआ। यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य यजमान पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, भाजपा नेता अमित चौधरी एवं हरीश सहू ने अपने परिवार सहित परम पूज्य आचार्य श्री देवीदान जी गौश्री के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यज्ञ का शुभारंभ कराया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों का पूजन किया गया और इसके बाद श्रद्धालुओं ने जय श्रीकृष्ण एवं हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ यात्रा प्रारंभ की।कलश यात्रा में सबसे आगे आकर्षक आतिशबाजी की गई, जिसने श्रद्धालुओं का उत्साह और बढ़ा दिया।

उसके पीछे ढोल-नगाड़ों की गूंजती थाप पर श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर नाचते-झूमते आगे बढ़ते रहे। भगवा पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर यात्रा की शोभा को चार चांद लगा दिए। यात्रा मार्ग पर अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया।तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे जोश और श्रद्धा के साथ यात्रा में भाग लिया। भगवान के जयघोष और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।परम पूज्य आचार्य श्री देवीदान जी गौश्री के श्रीमुख से आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ आगामी 5 जुलाई तक प्रतिदिन चलेगी। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति, सदाचार एवं भारतीय संस्कृति के विभिन्न प्रसंगों का श्रद्धालुओं को रसपान कराया जाएगा। आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।आयोजन समिति के सदस्य साहिल बलाड़िया एवं ओम सोनी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धार्मिक संस्कारों, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। उन्होंने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित कथा में उपस्थित होकर धर्म, भक्ति और संस्कारों के इस पावन महोत्सव का पुण्य लाभ लेने का आह्वान किया।उन्होंने बताया कि कथा का समापन 5 जुलाई को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ होगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की अमृतमयी कथाओं का श्रवण करने तथा धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

