
प्रतिभा सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
हनुमानगढ (भटनेर एक्सप्रेस) हंसवाहिनी संगीत कला मंदिर के तत्वावधान में आयोजित 26वें संगीत एवं नृत्य प्रशिक्षण शिविर का प्रतिभा सम्मान समारोह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने संगीत व नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा कला एवं संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक गणेशराज बंसल थे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पंचायत समिति भादरा की आरडीएस विकास अधिकारी श्रीमती शीला देवी, एडवोकेट बनवारी लाल पारीक, एसबीआई जयपुर के सहायक महाप्रबंधक लखविंदर सिंह सग्गू, जयपुर हॉस्पिटल के डॉ. राजीव गोयल, डॉ. नरेश संकलेचा, डॉ. ज्योति धींगड़ा एवं डॉ. तीर्थ शर्मा उपस्थित रहे। अतिथियों का कला मंदिर परिवार द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ हितैषी अरोड़ा द्वारा सरस्वती वंदना एवं सरस्वती मंत्र की मधुर प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद कला मंदिर के अध्यक्ष गुलशन अरोड़ा ने शिविर की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 26 वर्षों से संस्था संगीत, नृत्य एवं संस्कृति के संरक्षण और नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का कार्य कर रही है।सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। रोधानी एंड ग्रुप ने उपशास्त्रीय नृत्य, पुण्या एंड ग्रुप ने “एक बटा दो, दो बटे चार”, अभिषेक एंड ग्रुप ने “चंदा चमके चमचम”, काव्या एंड ग्रुप ने “नमो: नमो:”, जबकि गीतांजलि एंड ग्रुप ने शास्त्रीय गायन में राग जौनपुरी की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।कमल एंड ग्रुप ने “कंधों से मिलते हैं कंधे” पर ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुति दी, वहीं वंदना एंड ग्रुप ने हरियाणवी लोकनृत्य “थाली बाजैगी” प्रस्तुत किया। निया एंड ग्रुप ने “ठरकी छोकरो” तथा प्रर्वजोत एंड ग्रुप ने ऊर्जावान भांगड़ा प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। श्रीगंगानगर से स्वरांजलि नृत्य संस्थान की निदेशक श्रीमती भारती सक्सेना भी उपस्थित रही। श्रुति एंड ग्रुप ने कथक की मनोहारी प्रस्तुति देकर शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को जीवंत किया।कार्यक्रम के दौरान हितेश सेठी ने संगीत विषयक प्रश्नोत्तरी का आयोजन कर प्रतिभागियों की ज्ञानवर्धक सहभागिता सुनिश्चित की। वहीं कला मंदिर के सदस्यों ने “साथी हाथ बढ़ाना” सामूहिक गीत प्रस्तुत कर सहयोग, एकता और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।संस्था सचिव ममता अरोड़ा ने बताया कि समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि संगीत और संस्कृति व्यक्ति के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करते हैं तथा ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने हंसवाहिनी संगीत कला मंदिर की 26 वर्षों से निरंतर की जा रही सांस्कृतिक सेवा की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।इस अवसर पर कला मंदिर के सदस्य जगदीश गुप्ता, दीक्षा अरोड़ा, श्वेता बब्बर, पंकज शर्मा, विजय रस्सेवट, ममता सक्सेना, अंजू बजाज, तरुण मोदी, प्रवीण वर्मा, मनमोहन शर्मा, सर्वजीत सिंह, नरेश मेहन, सतपाल बंसल, पोषण शर्मा, श्रीप्रकाश शर्मा, रमेश पंचारिया, सन्नी जग्गा, अंकित जग्गा, अंजू बंसल, प्रेम धींगड़ा, अमित बब्बर, विक्रम, मुंशी राम सहित बड़ी संख्या में अभिभावक एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पवन बजाज ने किया, कला मंदिर की संरक्षिका सुमन चावला ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर करने का विश्वास दिलाया।
