

तकनीकी कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की उठी मांग, केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों का किया विरोध*
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) किसान भवन, हनुमानगढ़ में मंगलवार को बिजलीघर मजदूर यूनियन (इंटक) शाखा हनुमानगढ़ के तत्वावधान में जिला सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारी, श्रमिक प्रतिनिधि तथा इंटक पदाधिकारी शामिल हुए। वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों, सुरक्षा, सेवा शर्तों तथा लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में किए जा रहे निजीकरण का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण श्रमिकों के हितों के विपरीत है और इससे रोजगार, सेवा सुरक्षा तथा आमजन को मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मुख्य अतिथि राजस्थान इंटक के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष एवं बीकानेर संभागीय अध्यक्ष बिजलीघर मजदूर यूनियन (इंटक) रमेश व्यास, प्रदेश महामंत्री रामवतार स्वामी, प्रदेश महासचिव (ओबीसी विभाग) गुरदीप सिंह चहल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजस्थान इंटक एवं कार्यकारी अध्यक्ष प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन (इंटक) श्याम सुंदर शर्मा तथा यूथ इंटक राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र देवड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा संगठन मजदूरों की प्रत्येक न्यायसंगत मांग के लिए संघर्ष करता रहेगा। सम्मेलन को संबोधित करते हुए इंटक नेताओं ने कहा कि तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, लेकिन उनके समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ विद्युत क्षेत्र के निजीकरण की किसी भी कोशिश का विरोध करते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया तो मजदूर संगठन व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वक्ताओं ने तकनीकी कर्मचारियों के लिए टेक्निकल वर्कमैन सर्विस रूल्स के अनुसार ड्यूटी रोस्टर लागू करने, एफआरटी व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने, कार्यालयों में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को पुनः फील्ड में नियुक्त करने, कार्यस्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही मीटर रीडिंग संबंधी कार्यों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने, फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जीएसएस और पावर हाउसों पर नियमानुसार पर्याप्त संख्या में ठेका कर्मियों की नियुक्ति करने की भी मांग की गई। सम्मेलन के उद्घाटनकर्ता राजस्थान इंटक के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष एवं बीकानेर संभागीय अध्यक्ष बिजलीघर मजदूर यूनियन (इंटक) रमेश व्यास ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ इंटक हमेशा संघर्ष करता रहा है और आगे भी श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। सम्मेलन के पश्चात बिजली घर मजदूर यूनियन इंटक की जिला कमेटी का गठन किया जिसमें जिलाध्यक्ष जसवीर सिंह व महामंत्री अनिल कुमार दुबे को बनाया, जिन्हें अतिथियों ने नियुक्ति पर देकर सम्मानित किया। सम्मेलन में बैरम खान बागड़वा, सुनील गिरी, लालचंद मेहरड़ा, अशोक कुमार, हंसराज पवार, मदीना छीपा, इंद्राज कुमार, मुकेश यादव, कश्मीरीलाल, सरदारा राम, सुखजिंदर सिंह बराड़, महावीर सांचोरिया सहित अनेक श्रमिक एवं सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। अंत में सभी वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, मजदूरों को एकजुट करने तथा निजीकरण एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
