
नवप्रवेशित छात्राओं का तिलक, पुष्प व मिष्ठान से स्वागत, छाछ-लस्सी पिलाकर किया अभिनंदन
हनुमानगढ़(भटनेर एक्सप्रेस) ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सरस्वती कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं सरस्वती कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, हनुमानगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। नए सत्र के पहले दिन नवप्रवेशित एवं पूर्व अध्ययनरत छात्राओं का पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप तिलक, पुष्प एवं मिष्ठान से स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में पूरे दिन उल्लास और उत्साह का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष गणेशराज बंसल, उपाध्यक्ष सुरेंद्र बलाडिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखवीर सिंह मान, सचिव अमरनाथ सिंगला, उपसचिव अनिल कुमार, कोषाध्यक्ष देवेंद्र बंसल ‘डिम्पल’, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्याम सुंदर शर्मा, विद्यालय प्रधानाचार्या प्रेरणा रस्तोगी सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रबंध समिति के सचिव अमरनाथ सिंगला एवं कोषाध्यक्ष देवेंद्र बंसल ‘डिम्पल’ ने छात्राओं को ठंडी छाछ और लस्सी पिलाकर उनका स्वागत किया। वहीं प्रधानाचार्या प्रेरणा रस्तोगी ने छात्राओं का तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय अभिनंदन किया। इस आत्मीय स्वागत से छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर सचिव अमरनाथ सिंगला ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मार्ग नियमित अध्ययन, अनुशासन, कठोर परिश्रम और सकारात्मक सोच से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और संस्कारों का श्रेष्ठ केंद्र भी है। उन्होंने सभी छात्राओं से लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने तथा जीवन में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंध समिति के अध्यक्ष गणेशराज बंसल ने छात्राओं को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समय का सदुपयोग, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाने का आग्रह किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
संपूर्ण कार्यक्रम अध्यक्ष गणेशराज बंसल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में नए सत्र के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा। छात्राओं ने भी विद्यालय परिवार द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया।
