
चंडीगढ़ बैठक में 112 किसान संगठनों ने लिया एकमत फैसला
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) भारत सरकार द्वारा अमेरिकी सरकार के साथ की जा रही ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने एक मत होकर बड़ा आंदोलन लड़ने का फैसला किया है।चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में कल गुरुवार को 112 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई इसमें राजस्थान के प्रतिनिधित्व के तौर पर ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह राजू प्रदेश महासचिव संतवीरसिंह मोहनपुरा और श्रीगंगानगर जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण आदि ने भाग लिया।बैठक में भाग लेकर वापस आए इन किसान नेताओं ने आजग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के नेताओं ने आज बताएं कि अमेरिका के साथ भारत की कृषि और डेयरी उत्पादों पर होने वाली फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का किसान पूरे देश में पुरजोर विरोध कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा गुरुवार को चंडीगढ़ के किसान भवन में आयोजित अहम बैठक में देशभर के 112 किसान संगठनों ने इस डील का एक स्वर में विरोध किया और अगर सरकार ने इसे रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।जीकेएस के प्रदेशाध्यक्ष रणजीतसिंह राजू, प्रदेश महासचिव संतवीरसिंह और मोहनपुर जिलाध्यक्ष रामकुमार सहारण ने बताया कि इस ट्रेड डील का मसौदा तैयार हो चुका है। अगर यह समझौता लागू हुआ तो अमेरिका बिना किसी टैक्स और कम लागत पर अपना कृषि व डेयरी उत्पाद भारत में बेच सकेगा या यहां तक कि “फेंक” सकेगा। इससे भारतीय किसानों की उपज का बाजार पूरी तरह प्रभावित होगा।

किसान नेता ने कहा-भारतीय किसान पहले ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। अगर फसल के दाम गिर गए और एमएसपी नहीं मिला तो उसकी जमीन बिकने के कगार पर पहुंच जाएगी। किसान पूरी तरह तबाह-ओ-बरबाद हो जाएगा। इस डील से न केवल किसान, बल्कि मजदूर, छोटे व्यापारी और पूरा बाजार व्यवस्था प्रभावित होगी।बैठक में सभी संगठनों ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर माना। तय किया गया कि 15 जुलाई को ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर देशभर से किसान एकत्र होकर सरकार को सद्बुद्धि देने की अपील करेंगे।जीकेएस नेताओं ने बताया कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों से उनकी गुवाई में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की कि यह हमारे भविष्य का सवाल है।अगर आज हम चुप रहे तो कल हमारी फसल कौड़ियों के भाव बिकेगी। रणजीत सिंह राजू, संतवीरसिंह और रामकुमार सहारण ने सभी किसानों, मजदूरों और व्यापारियों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर एकजुट हों। उन्होंने कहा कि सरकार को किसान हितों की रक्षा करनी चाहिए, अन्यथा देशव्यापी आंदोलन अपरिहार्य हो जाएगा।
