
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) श्रीकरणपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र स्थल का जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा दौरा कल करने के बाद आज ग्रामीणों ने पांच सरकारी स्कूलों पर तालाबंदी कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि संयंत्र लगने का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।इससे पहले प्रशासनिक अधिकारी संयंत्र का निर्माण शुरू करवा देना चाहते हैं ताकि हाईकोर्ट में रिपोर्ट दी जा सके कि काम शुरू हो चुका है। ग्रामीणों के अनुसार तीन महीनों से लगातार विरोध तथा धरने के कारण अभी तक संयंत्र का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। बेशक प्रशासन ने यहां पर संयंत्र लगाने के लिए जगह निर्धारित कर दी है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गौरक्षा दल नरसिंहपुरा बारानी के संयोजक मैसी चौधरी ने आज बताया कि प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इसी कारण ही आज नरसिंहपुरा माझूंवास पंचायत के पांच सरकारी स्कूलों के मुख्य द्वारों पर आज ग्रामीणों ने ताले लगा दिए। इस कारण ना तो विद्यार्थी और ना ही स्टाफ कर्मी स्कूल में जा सके। स्टाफ को वापस भेज दिया गया।नरसिंहपुर माझूवास ग्राम पंचायत में लगभग 10000 की आबादी है। इस पंचायत में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कुल पांच सरकारी विद्यालय हैं। आज इनमें से किसी भी विद्यालय में अध्ययन कार्य नहीं हुआ। सभी विद्यालयों के मुख्य द्वारों पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। सरकारी विद्यालयों पर तालाबंदी होने का पता चलने पर तहसीलदार, उपखंड अधिकारी और अतिरिक्त जिला कलेक्टर नरसिंहपुरा पहुंचे। संयोजक मैसी चौधरी के मुताबिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर फिर से चेतावनी दी गई है कि गांव के नजदीक यह संयंत्र किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जाएगा।

अगर प्रशासन ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा। श्री चौधरी ने बताया कि अधिकारियों ने कल गुरुवार को श्रीगंगानगर में संघर्ष समिति के पांच सदस्य प्रतिनिधिमंडल की जिला कलेक्टर से वार्ता करवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कल की वार्ता में प्रशासन ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया तो फिर आंदोलन को तेज करते हुए न केवल ग्राम पंचायत नरसिंहपुरा माझूंवास बल्कि आसपास की कई पंचायतों के सरकारी स्कूलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा। इन पंचायत में सभी सरकारी विभागों के दफ्तरों पर धरने लगाकर कामकाज ठप कर दिया जाएगा। आज प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने वालों में सतपाल, मदनलाल, राजू, शैलेंद्रकुमार, पवन गोदारा, हंसराज, राजेंद्र देवीलाल तथा रामप्रताप मांझू आदि ग्रामीण मुख्य रूप से शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि यह संयंत्र श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर नगर परिषद क्षेत्र में रोजाना एकत्रित होने वाले ठोस कचरे के निस्तारण के लिए लगाया जाना प्रस्तावित किया गया है जबकि प्रारंभ में यह संयंत्र श्रीगंगानगर शहर के नजदीक में 6-जैड लगाया जानाथा। आसपास के लोगों द्वारा विरोध करने पर इस संयंत्र को प्रशासन ने शहर से सात-आठ किमी दूर ग्राम पंचायत नेतेवाला में लगाने का वर्ष 2016 में फैसला किया था। इस जगह पर संयंत्र लगाने के लिए सभी सरकारी विभागों से न केवल मंजूरी मिल गई थी बल्कि केंद्र सरकार ने 78 करोड़ का बजट भी दे दिया था। एक कंपनी को निर्माण करने का ठेका भी दे दिया गया। नेतेवाला के लोग भी इस संयंत्र का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के चलते संयंत्र को श्रीगंगानगर शहर से लगभग 30 किमी दूर श्रीकरनपुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नरसिंहपुरा बारानी में लगाने का प्रशासन ने 3 महीने पहले अचानक ही फैसला कर दिया। नरसिंहपुर संघर्ष समिति का आरोप है कि प्रशासन नेतेवाला के कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर उनके गांव में गौशाला के नजदीक संयंत्र लगाने पर आमादा है, लेकिन यहां भी संयंत्र नहीं लगाने दिया जाएगा।
