
बिना कारण फिल्म प्रदर्शन रोकने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व मानवाधिकारों का हनन बताते हुए पुन: प्रदर्शन की मांग की
अति. जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान जट्ट सिख समाज संस्था, श्रीगंगानगर के शिष्टमण्डल ने शुक्रवार को अध्यक्ष एडवोकेट दलबार सिंह बराड़ के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मानवाधिकारों तथा हक-सच की आवाज बुलंद करने वाले दिवंगत स. जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ (पूर्व नाम पंजाब 95) को बिना किसी स्पष्ट कारण के प्रदर्शन के महज दो दिन बाद ही हटाए जाने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व मानवाधिकारों का हनन बताते हुए पुरजोर शब्दों में सिनेमाघरों तथा ओटीटी पर पुन: प्रदर्शित करने की अनुमति देने की मांग की है।महासचिव हरपाल सिंह ने बताया कि शिष्टमण्डल ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह फिल्म एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथा मानवाधिकार विषय पर आधारित है, जिसे देखने के लिए आम जनता में भारी उत्सुकता है। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के फिल्म के प्रदर्शन पर अदृश्य प्रतिबंध लगाना न्यायसंगत नहीं है। इसलिए जनभावनाओं तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए उक्त फिल्म को देश भर के सिनेमाघरों तथा ओटीटी पर फिर से संचालित करने की तुरंत अनुमति प्रदान की जाए।इस अवसर पर अध्यक्ष एडवोकेट दलबार सिंह बराड़, महासचिव हरपाल सिंह सिद्धू, कोषाध्यक्ष सिमरजीत सिंह अठवाल, मनजीत सिंह, हरनेक सिंह, अमरजीत सिंह, राजेन्द्रपाल सिंह, गुरमीत सिंह, चितरंजन सिंह, जीएस सिद्धू सहित राजस्थान जट्ट सिख समाज संस्था पदाधिकारी व सदस्य, अधिवक्ता तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
