
श्रीगंगानगर | श्रीगंगानगर जिले में इस बार चने का लगभग 90 हजार एमटी उत्पादन है, लेकिन इन दिनों चना मंडियों में खुली नीलामी पर एमएसपी से ऊपर के भावों पर बिक रहा है। ऐसे में खरीद शुरू हुए 17 दिन बीतने के बाद भी चने की खरीद नहीं हो पाई है। व्यापारियों की मानें तो आगामी दिनों में चने के भावों में और तेजी आने की उम्मीद है, ऐसे में इस बार सरकार को एमएसपी पर चना मिलने की उम्मीद कम ही है। जिले में इस बार 65071 हेक्टेयर चने का बुवाई क्षेत्र है। कृषि विभाग अधिकारियों के अनुसार इन दिनों खेतों में चने की फसल कटाई के साथ ही किसान मंडियों में लाकर चने की उपज बेच रहे हैं। श्रीगंगानगर नई धानमंडी में गुरुवार को चना 6100 रुपए प्रति क्विंटल के औसत भावों पर बिका। जबकि सरकार ने इस बार चने का समर्थन मूल्य 5440 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। चने की सरकारी खरीद के लिए राजफैड की ओर से एक अप्रैल से श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिले में 61 केंद्र खोल रखे हैं, लेकिन अब तक एक भी केंद्र पर सरकार को किसानों ने चना नहीं बेचा है। मंडी के व्यापारियों की मानें तो चने की इस बार डिमांड अच्छी है। इस कारण चना एमएसपी से ऊपर के भावों पर बिक रहा है। आने वाले दिनों में डिमांड बरकरार रहने के साथ ही भावों में और तेजी आने के आसार हैं। चने का उत्पादन कम, इस कारण भाव ठीक: जिले में इस बार चने का बुवाई रकबा कम है, ऐसे में उत्पादन कम होने से चना के बाजार भाव एमएसपी से ऊपर हैं। इस कारण किसान सरकार की बजाय मंडियों में खुली नीलामी पर व्यापारियों को चना बेच रहे हैं। लेकिन जिन फसलों का उत्पादन अधिक है उनमें सरकार खरीद में क्वालिटी की अड़चने लगाकर खरीद नहीं रही है। संतवीर सिंह मोहनपुरा, किसान नेता श्रीगंगानगर।
चने के मंडियों में भाव एमएसपी से अधिक: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व अनूपगढ़ जिलो में सरकार को चना बेचने के लिए अब तक 1551 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। लेकिन किसान सरकार को चना बेचने के लिए खरीद केंद्रों पर नहीं ला रहे हैं। मंडियों में इन दिनों चने के भाव एमएसपी से अधिक है। – हरीसिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, राजफैड।
