
फोटो- तेजेन्द्रपालसिंह
पुरानी आबादी थाना में बीएनएस के तहत दर्ज किया गया था दोबारा मुकदमा
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान सिख धर्म प्रचार कमेटी के अध्यक्ष तथा स्थानीय धन-धन शहीद बाबा दीपसिंह गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा के खिलाफ पुरानी आबादी पुलिस थाने में देशद्रोह का दोबारा दर्ज किया गया मुकदमा जोधपुर हाईकोर्ट की नजर में आया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोर्टिसिव (सख्त) कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है।
तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा के खिलाफ पहला देशद्रोह का मुकदमा जुलाई 2024 में पुरानी आबादी थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इस मुकदमे के खिलाफ टिम्मा ने जोधपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट में इस याचिका पर लंबी सुनवाई हुई और अदालत ने लगभग 40 पृष्ठों का विस्तृत फैसला सुनाते हुए मुकदमे को समाप्त कर दिया।हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट रूप से कहा कि यह मुकदमा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है और इसमें कोई आधार नहीं बनता। अदालत ने देशद्रोह की कानूनी परिभाषा को भी रेखांकित किया और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं तथा तथ्यों के आधार पर मुकदमा खारिज कर दिया। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि मुकदमा आईपीसी के तहत दर्ज किया गया है, जबकि 1 जुलाई 2024 से देशभर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू हो चुकी है। इसलिए भी इस मुकदमे का कोई कानूनी आधार नहीं बनता।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पुलिस ने सरकारी विधि विशेषज्ञों से ओपिनियन लिया। ओपिनियन में फैसले के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज कर दिया गया और केवल बीएनएस लागू होने वाले बिंदु को आधार बनाकर सिफारिश की गई कि टिम्मा के खिलाफ नए सिरे से बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।पुलिस ने इसी एक बिंदु के आधार पर टिम्मा के खिलाफ पुरानी आबादी थाने में दोबारा देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर लिया।इस नए मुकदमे के विरुद्ध तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा ने एक बार फिर जोधपुर हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने अपनी याचिका में पूर्व में दर्ज मुकदमे को हाईकोर्ट द्वारा समाप्त किए जाने के विस्तृत फैसले का हवाला दिया। विगत15 जुलाई को जस्टिस फरजंद अली की सिंगल बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक चौधरी द्वारा दी गई दलीलें सुनीं। इसके बाद राज्य सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया।याचिकाकर्ता के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक तेजेंद्रपालसिंह टिम्मा के खिलाफ कोई भी कोर्टिसिव कार्रवाई नहीं की जाएगी। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता के विरुद्ध कोई मजबूरन कदम नहीं उठाया जाएगा।
अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

