
टाउन अनाज मंडी में गेहूं की लगातार आवक हो रही है। तुलाई के बाद गेहूं का उठाव नहीं होने से हालात बिगड़ने लगे हैं। पिछले कई दिनों से उठाव कार्य बंद होने की वजह से मंडी गेहूं से अटी पड़ी है। चारों ओर गेहूं के ढेर ही ढेर नजर आ रहे हैं। खाद्य भंडारण डिपो का रास्ता ब्लॉक होने की वजह से गेहूं का उठाव कार्य बंद है। जगह नहीं होने के कारण किसान अपनी गेहूं की फसल मंडी में नहीं ला पा रहा है। उसे मजबूरन खेतों में अपनी फसल खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ रही है। खराब मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। परेशान व्यापारियों और किसानों ने जल्द उठाव कार्य शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रशासन को दी है।
मंडी के व्यापारी रविन्द्र सिंगला और कृष्ण कुमार ने बताया कि मंडी में गेहूं का सीजन चल रहा है। पिछले दस दिन से मंडी में गेहूं की आवक हो रही है, लेकिन तुलाव के बाद गेहूं का उठाव कार्य ठप पड़ा है। इसकी वजह भारतीय खाद्य निगम के खाद्य भंडारण डिपो का रास्ता ब्लॉक होने की वजह से ट्रकों का आवागमन नहीं होना है। इस रोड को नगर परिषद की ओर से अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है। खाद्य भंडारण डिपो में 17 से 18 लाख कट्टे स्टोरेज की क्षमता है, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण मंडी से उठाव पूरी तरह है। गेहूं से मंडी अटी पड़ी है। अब तक मंडी में करीब आठ लाख कट्टे पड़े हैं, जबकि 30 लाख कट्टों की और आवक होगी। मंडी के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। पैर रखने की जगह नहीं बची है। किसानों की आधी फसल खेतों में पड़ी है और आधी मंडी में पड़ी है।
खराब मौसम से किसानों की चिंता बढ़ रही है। ऐसे में अगर बारिश होती है तो मंडी से बरसाती पानी की निकासी नहीं होगी और अनाज सड़ जाएगा। किसान की छह महीने की मेहनत खराब होने की आशंका है। किसान अगर कहीं अन्य जगह कृषि जिन्स बेचेगा तो मंडी के व्यापारी को भी नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों मंडी के व्यापारी जिला कलेक्टर से मिले थे। जिला कलेक्टर ने लोकसभा चुनाव के तहत 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के बाद उचित कार्रवाई करने के लिए आश्वस्त किया था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द मंडी से गेहूं का उठाव करवाया जाए, ताकि किसान और व्यापारी परेशान न हों। अगर उठाव की व्यवस्था नहीं हुई तो किसान-व्यापारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
