
श्रीगंगानगर। श्री माहेश्वरी महिला समिति की ओर से श्री माहेश्वरी भवन में आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से स्वास्थ्य जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में डॉ. मीनाक्षी गुप्ता व उनके सहयोगी कार्यकर्ताओ ने हेल्थ, योग व ध्यान के बारे में जानकारी दी कि वे कैसे अपने जीवन को खुशहाल बना सकते है। डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक सुख व आध्यात्मिक प्रगति के लिए योग महत्वपूर्ण है। योग से बीमारियों को दूरकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।
योग से नैतिकता का विकास होता है और शाश्वत मूल्यों को विकसित किया जा सकता है। यदि शरीर और मन को स्वस्थ रखना है तो हमें योग की शरण में जाना होगा। योग से आत्म शुद्धि होती है। इस कड़ी में आर्ट ऑफ लिविंग की स्टेट टीचर कॉडिनेटर व बीडीआईएस की प्रधानाचार्य डॉ. मीतू शर्मा ने कहा कि योग से केवल शारीरिक व्यायाम नहीं होता बल्कि योग इससे भी ऊपर है। मन के विकारों को दूर करने का योग महत्वपूर्ण साधन है। योग वेदों से लिया गया है, प्राचीन ऋषियों-मुनियों के द्वारा योग को अपनाया गया है। योग स्वयं के द्वारा ज्ञान प्राप्त करना है। मात्र प्रदर्शन की वस्तु नहीं है।
डॉ. मीतू ने बताया कि हमारे अंदर की नकारात्मकता को सकारात्मकता में योग के माध्यम से परिवर्तित कर सकते हैं। हम योग को जाने पहचाने और उसका प्रयोग अपने जीवन में कर अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। योग करने से काम, क्रोध, लोभ, मद, मोह सब हमसे दूर चले जाते हैं। जब हम अच्छी सोच का विकास करें तो हमें पवित्र, निर्मल, मन की प्राप्ति होगी। इस सेमिनार को सफल बनाने में डॉ. सीमा माहेश्वरी व सुनीता बिहाणी आदि का सहयोग रहा।
