हनुमानगढ़ में लावारिस हालत में मिली 20 वर्षीय साक्षी की डेरा सच्चा सौदा सेवादार बहनों ने की सार-संभाल


हनुमानगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की शिक्षाओं पर चलते हुए मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की ओर से किए जा रहे कार्यांे की एक और मिसाल हनुमानगढ़ में देखने को मिली। हनुमानगढ़ ब्लॉक की सेवादार बहनों ने शहर के मुख्य बाजार में लावारिस हालत में घूम रही मानसिक रूप से परेशान 20 वर्षीय युवती की न केवल सार-संभाल की, बल्कि उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाकर उसे सुरक्षित परिवार के सुपुर्द भी कर दिया। जानकारी के अनुसार, एक सितम्बर की सुबह करीब नौ बजे हनुमानगढ़ जंक्शन के मुख्य बाजार में एक युवती के लावारिस हालत में घूमने की सूचना हनुमानगढ़ ब्लॉक की सेवादार बहनों को मिली। सूचना मिलते ही सेवादार बहनें मौके पर पहुंचीं और युवती को अपने साथ एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केन्द्र लेकर आईं। युवती उस समय अपने बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। सेवादार बहनों ने युवती को नहलाया, साफ कपड़े पहनाए और भोजन करवाया। इसके बाद उसकी लगातार सार-संभाल शुरू की गई। दो सितम्बर को युवती का चिकित्सकीय जांच करवाकर आवश्यक दवा दिलवाई गई। उपचार और देखभाल के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ। उसी रात युवती ने इतना बताया कि वह पंजाब के कपूरथला की रहने वाली है और मनचंदा परिवार से संबंधित है।
बठिंडा से कपूरथला तक तलाश, आखिरकार परिवार तक पहुंची जानकारी
युवती से मिली इस छोटी-सी जानकारी को आधार बनाकर सेवादार बहनों ने ब्लॉक के जिम्मेवार भाइयों के सहयोग से बठिंडा और आसपास के क्षेत्रों में परिचितों के माध्यम से उसके परिजनों की तलाश शुरू की। प्रयास रंग लाए और युवती की पहचान साक्षी मनचंदा (20) पुत्री सुशील कुमार निवासी कपूरथला (पंजाब) के रूप में हुई। सेवादारों ने साक्षी के तायाजी अशोक मनचंदा से संपर्क किया। अशोक मनचंदा ने साक्षी की बड़ी बहन प्रियंका मनचंदा को उसके हनुमानगढ़ में होने की जानकारी दी। बहन के हनुमानगढ़ में होने की सूचना मिलते ही प्रियंका गुरुवार शाम हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केन्द्र पहुंचीं। वहां अपनी छोटी बहन को सकुशल देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
पुलिस की मौजूदगी में बहन को किया सुपुर्द
ब्लॉक जिम्मेवारों की सूचना पर हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस थाना से एएसआई गायत्री चौधरी, कांस्टेबल कृष्ण बन्ना, राकेश रमाणा और जगन्नाथ सिंह भी एमएसजी डेरा सच्चा सौदा एवं मानवता भलाई केन्द्र पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद सेवादार बहनों ने साक्षी मनचंदा को सुरक्षित उसकी बहन प्रियंका के सुपुर्द कर दिया। साक्षी के सकुशल मिलने पर प्रियंका मनचंदा ने सेवादार बहनों और भाइयों का आभार जताया। उन्होंने इस सेवा कार्य के लिए संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां का भी आभार व्यक्त किया। सेवादार बहनों ने दोनों बहनों की स्लीपर बस की टिकट करवा दोनों को कपूरथला के लिए रवाना किया। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे दोनों बहनें सही-सलामत अपने घर पहुंच गईं। प्रियंका ने दूरभाष के जरिए इसकी जानकारी सेवादार बहनों को दी।
बीसीए तक पढ़ी है साक्षी, फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है
प्रियंका मनचंदा ने बताया कि साक्षी बीसीए तक शिक्षित है और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। वह आगे एमसीए करना चाहती थी। प्रियंका के अनुसार, कम उम्र में ही उनके पिता का निधन हो गया था। इसके करीब आठ वर्ष बाद उनकी मां भी चल बसीं। मां के निधन का सदमा साक्षी सहन नहीं कर सकी और इसके बाद उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित होने लगी। उसका उपचार भी करवाया गया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। प्रियंका ने बताया कि साक्षी करीब पांच दिन पहले अचानक घर से निकल गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले भी वह कई बार घर से चली गई थी, लेकिन हर बार परिवार उसे तलाश कर घर वापस ले आता था। इस बार वह घर से करीब 300 किलोमीटर दूर हनुमानगढ़ पहुंच गई।
सेवादार बहनों की मेहनत लाई रंग
साक्षी की सार-संभाल करने और उसे उसके परिवार से मिलवाने में सच्ची नम्र सेवादारनी रेशमा इन्सां, संतोष इन्सां, सुमन इन्सां, प्रेमी सेवक परमजीत कौर इन्सां और चन्द्रा इन्सां का विशेष सहयोग रहा। साक्षी को उसकी बहन प्रियंका के सुपुर्द करने के दौरान सच्ची प्रेमी समिति के सदस्य श्यामलाल गर्ग इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार हिमांशु इन्सां, पारुल कुक्कड़ इन्सां और सुखचन्द इन्सां भी मौजूद रहे।
– दो दिन की मशक्कत के बाद कपूरथला में परिजनों से हुआ संपर्क
