
श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख बढ़ी लेकिन मतदान 7.8 फीसदी घट गया। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को मतदान के अंतिम आंकड़े जारी कर दिए। श्रीगंगानगर संसदीय क्षेत्र में कुल मतदान 66.59 फीसदी हुआ है। 21.02 लाख वोटर्स में से 13.99 लाख ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें 7.43 लाख पुरुष व 6.55 लाख महिलाएं शामिल हैं।
संसदीय क्षेत्र के आठों विधानसभा क्षेत्रों में 2019 लोस चुनाव के मुकाबले सभी में मतदान प्रतिशत कम हुआ है। सबसे ज्यादा 8.64 फीसदी की गिरावट हनुमानगढ़ विस क्षेत्र में आई है। ओवरऑल मतदान की बात करें तो सबसे ज्यादा मतदान श्रीकरणपुर में 68.95 फीसदी व सबसे कम मतदान हनुमानगढ़ में 64.91 फीसदी रही है। गत 2 लोकसभा चुनावों का ट्रेंड मतदान प्रतिशत बढ़ने पर भाजपा को जीत मिलने का रहा है। इस बार मतदान सभी क्षेत्रों में कम हुआ है।
5 महीने पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश में भाजपा को सत्ता मिली थी। यहां भाजपा का वोट शेयर कम हुआ और कांग्रेस का बढ़ा। इस चुनाव में आंकलन लगाया जा रहा है कि भाजपा-कांग्रेस में जीत का अंतर पिछले चुनाव से काफी कम रहेगा। निर्वाचन आयोग ने जिला स्तर पर वार रूम बनाया। मतदान के दिन जिस बूथ और क्षेत्रों में मतदान कम रहा, वहां प्रेरक दलों को बार-बार कॉल्स कर मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए कहा गया। वार रूम से 4300 कॉल्स की गई। फिर भी मतदान प्रतिशत कम रहा। शिक्षित आबादी भले ही शहरों में बसती है। इनमें मतदान के प्रति जागरूकता शहरों की अपेक्षा कम है। लोस क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र में 66.95 प्रतिशत मतदान हुआ। जो शहरी मतदान 65.57 प्रतिशत की तुलना में 1.38 प्रतिशत ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्र पुरुष व महिला मतदान क्रमश: 68.30 व 65.47 प्रतिशत रहा। शहरी क्षेत्र में ये मतदान क्रमश: 65.55 और 64.50 प्रतिशत रहा। फर्स्ट टाइमर का 62 व वृद्धजन का 32 प्रतिशत मतदान: लोकस क्षेत्र में फर्स्ट टाइमर यानी 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 65444 में से 40581 (62%) और 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 40676 में से 13385 (32.90%) ने मतदान किया।
1. सादुलशहर: मतदान 8.52% कम, शहर में भाजपा मजबूत : विस चुनाव में भाजपा की जीत हुई। कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। लोकसभा चुनाव में यहां मतदान 8.52% कमी के साथ 67.59% हुआ है। सिख बाहुल्य इस विधानसभा क्षेत्र में किसान आंदोलन का प्रभाव भी रहा। यहां भाजपा शहरों व कांग्रेस कुछ गांवों में मजबूत बताई जा रही है।
2. श्रीगंगानगर: मतदान 7.73% कम, शहर में भाजपा व गांवों में कांग्रेस की हवा: भाजपा की इस सीट पर लोस चुनाव में 7.73 प्रतिशत मतदान कम हुआ है। मतदान प्रतिशत 64.95% रहा। विस चुनाव 23 में ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस को ज्यादा वोट मिले थे।इस बार शहर में भाजपा और गांवों में कांग्रेस को मजबूत माना जा रहा है। शहरी वोट ज्यादा होने से यहां भाजपा को मजबूत माना जा रहा है।
3. श्रीकरणपुर: मतदान 6.53% कम, विस चुनाव में भाजपा की हार: कांग्रेस की इस सीट पर मतदान 6.53% की कमी के साथ 68.95 प्रतिशत हुआ। सरकार बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को रिस्पांस नहीं मिला। मंत्री बनाए प्रत्याशी सुरेंद्रपाल टीटी की हार हुई। यहां मतदान ज्यादा होना भाजपा की खिलाफत माना जा रहा है।यहां इस बार मतदान सर्वाधिक होने से कांग्रेसी उत्साहित हैं।
4. सूरतगढ़: मतदान 7.83% कम, भाजपा-कांग्रेस में टक्कर: मतदान प्रतिशत 7.83% कमी से 65.32% मतदान हुआ है। विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार जीत के बाद भाजपा की भारी मतों से हार हुई। कांग्रेस की इस सीट पर किसान आंदोलन का प्रभाव कम होने से भाजपा और कांग्रेस में टक्कर मानी जा रही है।
5. रायसिंहनगर: मतदान 7.22% कम, सांसद की निष्क्रियता का भाजपा को नुकसान: मतदान 7.22% कमी के साथ 67.96 प्रतिशत हुआ। टिकट कटने से खफा सांसद निहालचंद के निष्क्रिय होने से भाजपा को नुकसान माना जा रहा है। सांसद और पूर्व विधायक बलवीर लूथरा के बीच गुटबाजी भी चरम पर है। विस चुनाव में भी भाजपा की इसी वजह से हार हुई थी।यहां भी कांग्रेस की स्थिति ठीक बताई जा रही है।
6. संगरिया: मतदान 8.15% कम, किसान आंदोलन का प्रभाव: यहां मतदान 8.15% कमी के साथ 65.15% हुआ। किसान आंदोलन की वजह से विस चुनाव में भाजपा की हार हुई। सिख बाहुल्य वोटर भाजपा से नाराज हैं। किसानों की नाराजगी भाजपा का नुकसान कर सकती है। हरियाणा से सटे इस विस क्षेत्र में भी कांग्रेस ठीक-ठाक वोट ले जाएगी।
7. हनुमानगढ़: मतदान 8.64% कम, भाजपा-कांग्रेस में मुकाबला: मतदान 8.64% गिरावट के साथ 64.91 प्रतिशत हुआ है। निर्दलीय विधायक गणेशराज ने भाजपा को समर्थन दिया। लेकिन भाजपा के पूर्व मंत्री रामप्रताप के साथ खुलेआम टकराव है। विस चुनाव में कांग्रेस तीसरे स्थान पर रही। इस सीट पर भाजपा व कांग्रेस में बराबर का मुकाबला माना जा रहा है।
8. पीलीबंगा: मतदान 7.95% कम, कांग्रेस की बढ़त: मतदान प्रतिशत 7.95 गिरावट के साथ 67.95% रहा है। विधानसभा चुनाव में भाजपा की 50 हजार से ज्यादा मतों के अंतर से हार हुई है। लोस क्षेत्र में भाजपा को इसी विस क्षेत्र से बढ़त मिलती रही है। अब लोकसभा चुनाव में भाजपा की स्थिति काफी बेहतर हुई है। यहां कांग्रेस व भाजपा में कड़ी टक्कर बताई जा रही है।
