
श्रीगंगानगर| कलेक्टर लोकबंधु ने सोमवार को नई धानमंडी पहुंचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कृषि उपज मंडी समिति सचिव, मंडी व्यापारियों, एफसीआई अधिकारियों और ठेकेदार से अब तक हुई खरीद पर विस्तृत चर्चा करते हुए खरीदी गई कृषि जिंसों के मंडी परिसर से जल्दी उठाव के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने एडीएम सतर्कता सहित समस्त एसडीएम को खरीद व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट देने के लिए भी निर्देशित किया। कलेक्टर ने नई धानमंडी में बिकने के लिए आई गेहूं की क्वालिटी भी देखी तथा खरीद एजेंसी के अधिकारियों को सरकार की ओर से सरकारी खरीद नियमों में दी गई शिथिलता के अनुसार खरीद करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने व्यापारियों, खरीद अधिकारियों व मंडी अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें उन्होंने मंडी में बिकने के लिए आ रही गेहूं और जौ खरीद की समीक्षा करते हुए कहा कि जिस तरह से किसान खेतों से फसल काटकर मंडी में बेचने के लिए ला रहे हैं, उसके मद्देनजर उठाव में भी तेजी लाई जाए। उन्होंने ट्रॉली यूनियन के पदाधिकारियों से तेजी से उठाव के साथ ट्रॉलियों के साथ ट्रक भी लगाने के लिए कहा। इस मौके पर मंडी व्यापारियों के अलावा एफसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक चौधरी अभिरीत, कृषि उपज मंडी समिति सचिव सूबे सिंह रावत व उठाव ठेकेदार, रसद विभाग के प्रवर्तन निरीक्षक सुरेश कुमार व ट्राली यूनियन पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।
भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर नई धानमंडी में एमएसपी पर खरीदी जा रही गेहूं का उठाव नहीं हो रहा है। इसका कारण है कि गेहूं से भरे थैलों की सिलाई के लिए खरीद एजेंसी की ओर से नियुक्त किए ठेकेदार के पास पर्याप्त श्रमिक ही नहीं हैं। गेहूं से भरे थैलों की सिलाई नहीं होने के कारण सरकारी खरीद की गेहूं का उठाव भी नहीं हो रहा है। हालात इस कदर खराब हैं कि नई धानमंडी में 2.5 लाख थैले मंडी में गेहूं के भरे हुए पड़े हैं। इनमें से लगभग दो लाख थैलों की तो अब तक सिलाई नहीं हो पाई है। नई धानमंडी में इन दिनों गेहूं की बंपर आवक हो रही है। लेकिन सरकारी खरीद का गेहूं उठाव के लिए नियुक्त ठेकेदार के पास गेहूं से भरे थैलों की सिलाई के लिए मात्र तीन ही श्रमिक हैं। जबकि मंडी में गेहूं से भरे थैलों की सिलाई के लिए कम से कम 20 से अधिक श्रमिकों की जरूरत है। कई व्यापारी गेहूं से भरे थैलों की सिलाई अपने स्तर पर करवाने की बात भी कह रहे हैं ताकि गेहूं से भरे थैलों का उठाव हो सके। मंडी में इन दिनों जौ व सरसों की भी बंपर आवक हो रही है
ऐसे में अब मंडी में जाम भी लग रहा है। इससे मंडी में कृषि जिंसें लेकर आने वाले किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नई धानमंडी में सोमवार को लगभग 30 हजार क्विंटल कृषि जिंसों की आवक हुई। इसके अलावा रविवार को भी बंपर आवक हुई। दो दिन में कृषि जिंसों की बंपर आवक के चलते सोमवार को मंडी के तीनों ब्लॉकों में ट्रैक्टर ट्रालियों व उठाव के लिए लगाए गए ट्रकों का जाम लग गया। इससे कृषि जिंसें बेचने के लिए आए किसानों को परेशानी झेलनी पड़ी। मंडी सचिव व कर्मचारियों ने खुद मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया।
