सशक्त नारी संस्थान के आयोजन में गीत-संगीत और नृत्य की रही धूम, चंद्र दर्शन के बाद महिलाओं ने खोला व्रत

हनुमानगढ़। सशक्त नारी संस्थान की ओर से करवा चौथ महोत्सव हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं की खूबसूरत झलक पेश की। महोत्सव के दौरान गीत-संगीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को खुशनुमा बना दिया। महिलाओं ने एक साथ मिलकर त्योहार मनाया और आपसी प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और आकर्षक श्रृंगार के साथ शामिल हुईं। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा कीं और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पारंपरिक गीतों पर गायन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। सामूहिक गीतों और नृत्य के माध्यम से महिलाओं ने करवा चौथ के उत्सव को यादगार बनाया। पूरे आयोजन के दौरान उल्लास और आपसी मेल-मिलाप का वातावरण देखने को मिला। करवा चौथ भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को चंद्रमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने के बाद व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है। सशक्त नारी संस्थान की ओर से आयोजित महोत्सव में भी महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व मनाया। रात को चंद्रमा के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने अपना व्रत खोला।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने का प्रयास
संस्थान की अध्यक्ष मिताली अग्रवाल ने बताया कि भारतीय संस्कृति और पारंपरिक त्योहार हमारी समृद्ध विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से संस्थान की ओर से प्रतिवर्ष करवा चौथ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक साथ मिलकर त्योहार मनाने, अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं। सामूहिक रूप से त्योहार मनाने से सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है और महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच भी मिलता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी संस्थान की ओर से इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
