
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय रेबीज कंट्रोल कार्यक्रम के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. एमएल सालोदिया ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में वीसी के जरिए स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय में चिकित्सा, पशुपालन, नगर परिषद और वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में रेबीज को 2030 तक किस तरह एलीमेनेट किया जाए, इसका प्लान बनाया गया। बैठक में मौजूद नगर परिषद, पशुपालन सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने पूरा योगदान देने का आश्वासन दिया।
डॉ. एमएल सालोदिया ने बताया कि रेबीज घातक बीमारी है। 96 प्रतिशत यह बीमारी कुत्तों के काटने से होती है। इसके अलावा जंगली जानवरों जैसे बंदर के काटने से होती है। यदि सावधानी से इस बीमारी को रोकने का बंदोबस्त किया जाए तो इसे शत प्रतिशत रोका जा सकता है। अगर लापरवाही होती है और वैक्सीनेशन नहीं करवाते तो उस व्यक्ति की शत प्रतिशत मौत सुनिश्चित है। इस बीमारी को 2030 तक राजस्थान और भारत से खत्म करने के लिए 19 विभागों के सहयोग से चरण अनुसार एक्शन प्लान बनाया है। स्टेट लेवल पर कमेटियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही हर डिस्ट्रिक्ट लेवल पर यूनिटी कमेटी और टास्क फोर्स कमेटी बनाई है। यह कमेटियां टाइम-टू-टाइम प्रोग्राम की मॉनिटरिंग करेंगी। इस प्रोग्राम की आगे की प्लानिंग बनाएंगी।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से कुत्तों को लगातार वैक्सीनेशन किया जा रहा है। पशुपालन विभाग ने इसमें नगर परिषद का सहयोग मांगा है। नगर परिषद और वन विभाग मिलकर बंदरों को पकड़ने और वैक्सीनेट करने की प्रक्रिया अपनाएंगे। जिला कलेक्टर के माध्यम से सर्कुलर जारी करवाया जाएगा कि पालतू कुत्ते रजिस्टर्ड हैं। रजिस्टर्ड होने के बाद सभी पालतू कुत्ते शत प्रतिशत वैक्सीनेट होने चाहिए। सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में 108 एम्बुलेंस की संख्या 25 है। लू और तापघात की संभावना को लेकर जिले में जितनी भी 108 एम्बुलेंस हैं, उनमें एडवाइजरी जारी की है कि सभी के एसी चालू हालत में हों। आइस्कोप की व्यवस्था हो। अन्य दवाइयां जैसे आपातकालीन दवाइयां, ओआरएस इत्यादि की उपलब्धता हो। लू-तापघात की संभावना पर बर्फ की आवश्यकता होने पर आइस बॉक्स की व्यवस्था की जाएगी। सभी एम्बुलेंस ड्राइवर को ट्रेंड कर दिया गया है।
