नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति करने और भूखंड का पट्टा जारी करने की मांग
अनूपगढ़ की नई मंडी घड़साना के सरकारी अस्पताल के सामने पिछले 9 दिनों से सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के रिक्त पदों को भरने, नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति करने और भूखंड का पट्टा जारी करने की मांग को लेकर धरना चल रहा है। इसके बावजूद भी सरकारी अस्पताल में कार्यरत शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील बाना का ट्रांसफर भी विभाग के द्वारा कर दिया गया था। जिससे क्षेत्र के लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
आज रोष स्वरूप काफी युवा सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के चैंबर के सामने ही धरने पर बैठ गए। जिससे सीएमएचओ ने तुरंत प्रभाव से शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बाना के ट्रांसफर का आदेश रद्द कर दिया। आदेश रद्द होने के बाद आंदोलन कर रहे सभी युवा चैंबर के सामने से खड़े होकर सरकारी अस्पताल के सामने उक्त सभी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
आंदोलनकारियों ने बताया कि घड़साना के सरकारी अस्पताल में काफी समय से डॉक्टर के पद रिक्त हैं और नर्सिंग स्टाफ नहीं होने के कारण भी आमजन काफी परेशान है। उन्होंने बताया कि भूखंड का पट्टा नहीं होने के कारण सरकारी अस्पताल में मरीजों को सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है।
आंदोलनकारियों ने बताया कि जब तक विभाग और सरकार उनकी सभी मांगों को नहीं मान लेता उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान घड़साना एसएचओ कलावती चौधरी जाब्ते के साथ मौके पर मौजूद रही।
बीसीएमओ भागीरथ बाजिया ने बताया कि घड़साना के सरकारी अस्पताल के लिए सरकार से 8 करोड़ 32 लाख का बजट पारित हुआ है, मगर भूखंड का पट्टा नहीं होने के कारण इसमें विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पट्टे के लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को प्रपोजल बनाकर भेज दिया गया है। उनके निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी अस्पताल के सामने चल रहे धरने का नेतृत्व जयदीप माहेश्वरी, मदन गेदर, राहुल अरोड़ा, और रामचंद्र सारडीवाल के द्वारा किया जा रहा है।
