बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के आयोजन के लिए बैठक

हनुमानगढ़ । जंक्शन स्थित गुरु श्री रविदास मंदिर में रविवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती के आयोजन को लेकर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती आयोजन समिति का गठन किया गया। समिति का उद्देश्य बाबा साहेब के योगदान और उनके आदर्शों को समाज में फैलाना है। बैठक में राजस्थान शिक्षक संघ अम्बेडकर के जिलाध्यक्ष दीपक बारोटिया, स्वाभिमान जनजागृति एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष नारायण नायक, गुरु श्री रविदास सेवा समिति अध्यक्ष रामपाल जाटव सेक्रेटरी विजय पाल, अजाक जिलाध्यक्ष सुमेर सिंह और एडवोकेट दलीप बसेर को आयोजन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया। इन सभी को बाबा साहेब की जयंती के आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई। समिति के सभी सदस्यों की सहमति व निर्णयानुसार, 14 अप्रैल को गुरु श्री रविदास मंदिर प्रांगण में बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उन छात्र छात्राओं, कर्मचारियों और खेल प्रतिभागियों का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त , 14 अप्रैल 2024 से अब तक केन्द्र और राज्य स्तरीय राजकीय सेवा में चयनित एवं पदोन्नत प्राप्त कर्मचारियों का भी सम्मान किया जाएगा। राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खेलकूद प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाडिय़ों को भी सम्मानित किया जाएगा। स्वाभिमान जनजागृति एकता मंच के प्रदेशाध्यक्ष नारायण नायक ने बताया कि इस बार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले 70 वर्षां से हनुमानगढ़वासी बाबा साहेब की प्रतिमा का इंतजार कर रहे थे। इस बार बाबा साहेब की आदमकद की अष्टधातु प्रतिमा बनने के बाद यह कार्यक्रम होगा। समारोह में बाबा साहेब के जीवन और उनके भारतीय समाज में योगदान पर विशेष चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम सर्व समाज की सहभागिता से आयोजित किया जाएगा। समाज के सभी वर्गों को इस महत्वपूर्ण दिवस का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जाएगा। 14 अप्रैल को आयोजन समिति की तरफ से अंबेडकर चौक पर ऐतिहासिक आतिशबाजी की जाएगी और बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प वर्षा की जाएगी। समिति अध्यक्ष दीपक बारोटिया ने बताया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों और उनके सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक योगदान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना जरूरी है। यह आयोजन न केवल बाबा साहेब के योगदान को याद करने का अवसर है, बल्कि यह समाज में समानता, न्याय और बंधुत्व के उनके विचारों को लागू करने का भी एक प्रयास है। बैठक में महेंद्र पाल सिंह, प्रेमाराम मेहरड़ा, अजय सागर, राजेंद्र मांडिया, पाल सिंह, ओम मोसलपुरिया, रामस्वरूप बौद्ध, विजयपाल सिंह, नरेश मांडिया, हेमचंद, परविन्द्र सिंह, पूर्ण सिंह मांड्या, संतोख सिंह आदि मौजूद रहे।
