
हनुमानगढ़ जिले में डिस्कॉम की बकाया वसूली अधिकारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। डिस्कॉम को जिले के उपभोक्ताओं से कुल 72 करोड़ 27 लाख 79 हजार रुपए की वसूली करनी है। यह बकाया 30 जून तक का है। गत वर्ष 1 दिसंबर को मंथली बिलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद डिस्कॉम का बकाया लगभग 3 करोड़ रुपए बढ़ गया है। हर माह बकाया राशि बढ़ती जा रही है। डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, रेगुलर उपभोक्ताओं से 46 करोड़ 80 लाख 41 हजार रुपए की राशि वसूली के लिए बकाया है। इस रकम में सरकारी विभाग भी शामिल हैं, जिनकी तरफ भी करोड़ों रुपए बकाया हैं।
सरकारी संस्थानों द्वारा समय पर भुगतान नहीं करने से डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति संकट में है। इसके साथ ही 25 करोड़ 47 लाख 38 हजार रुपए उन उपभोक्ताओं पर बकाया है, जिनके कनेक्शन काटे जा चुके हैं। विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि दो माह के बिलिंग के समय उपभोक्ताओं को बिल जमा करवाने के लिए राशि का इंतजाम करने के लिए कुछ समय अतिरिक्त मिल जाता था, तब बकाया कुछ कम होता था। अब हालत यह है कि बिल मिलने के बाद दस दिन के ग्रेस पीरियड में उपभोक्ता बिल जमा करवाता है, इसके 20 दिन बाद ही नया बिल आ जाता है। ऐसे में उपभोक्ता फिलहाल नए मंथली सिस्टम से सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं।
सरकारी विभागों के प्रति डिस्कॉम का रुख नरम एक ओर आम उपभोक्ताओं के बिल भरने की अंतिम तारीख निकलते ही डिस्कॉम की टीम तुरंत कनेक्शन काटने को निकल पड़ती है, वहीं सरकारी विभागों के प्रति डिस्कॉम का रुख नरम है। कई विभागों का तो वर्षों से बिल बकाया है, लेकिन ना तो उन पर कोई ठोस कार्रवाई हो रही है, ना ही वसूली हो पा रही है। आमजन सवाल उठाते हैं कि क्या बिजली कंपनी की सख्ती केवल आम जनता तक सीमित है। बकाया वसूली के लिए डिस्कॉम यदि स्टाफ बढ़ा दे और रीडिंग तथा वसूली के कार्य को अलग-अलग कर दिया जाए, तो वसूली की गति में सुधार लाया जा सकता है। दोनों काम एक साथ करवाना कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ है। इसके साथ सरकारी विभागों पर अगर डिस्कॉम ज्यादा फोकस करे, तो वसूली में कुछ सुधार हो सकता है।
मोबाइल एप व पोर्टल के जरिए भुगतान को बढ़ावा दिया जाए। उपभोक्ताओं को समय पर बिल भरने के लिए प्रेरित करना होगा। डिस्कॉम को सबसे ज्यादा परेशानी कर्मचारियों की कमी से हो रही है। मंथली बिलिंग के बाद रीडिंग लेने वाले कर्मचारियों को ही वसूली की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में एक उपभोक्ता तक दोबारा पहुंचने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं। यही वजह है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा चुके हैं, उनसे भी अभी तक 25 करोड़ 47 लाख 38 हजार रुपए वसूल नहीं हो सके हैं। इस वजह से बकाया लगातार बढ़ ही रहा है। अधिकारियों के मुताबिक बकाया वसूली बढ़ने का एक और बड़ा कारण स्टाफ की कमी भी है।
मंथली बिलिंग सिस्टम में सभी उपभोक्ताओं के मीटरों से रीडिंग लेने में 15 से 20 दिन का समय लगता है। इसके बाद बिल वसूली के लिए महज 10 दिन का समय बच पाता है। ऐसे में डिस्कॉम शत-प्रतिशत वसूली नहीं कर पाता। नतीजा बकाया राशि 72 करोड़ से अधिक हो चुकी है। हालांकि डिस्कॉम अब बकाया वसूली को लेकर सख्त हुआ है।
हाल ही में बकायादारों को नोटिस देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही 150 बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटे भी गए हैं। एसई बोले: स्टाफ की कमी से समस्या, अब काट रहे कनेक्शन मंथली बिलिंग प्रणाली के बाद वसूली में कुछ देरी होना स्वाभाविक है। जब तक स्टाफ की संख्या नहीं बढ़ाई जाती, दिक्कत आना लाजमी है। बकायादारों को चेतावनी नोटिस देकर अब कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। अब तक 150 कनेक्शन काट दिए गए हैं। आगे भी जो बिल समय पर जमा नहीं करवाएंगे, उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। आरएस चारण, एसई, डिस्कॉम, हनुमानगढ़।
