
कलेक्टर के आदेश कृषि अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों ने नहीं माने। नतीजा— छोटी सतगुरु कॉलोनी स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के 127 स्कूली बच्चे गुरुवार को अर्द्धवार्षिक परीक्षा देने से वंचित रह गए।दरअसल सतगुरु कॉलोनी स्थित राजकीय विद्यालय असुरक्षित हो चुका है। कलेक्टर ने विद्यालय के बच्चों के लिए अन्य विद्यालय में व्यवस्था की, लेकिन वह करीब 4 किमी दूर है, जिससे बच्चे वहां पहुंच नहीं पा रहे थे। इस पर कृषि अनुसंधान केंद्र (एआरएस) में अस्थायी तौर पर पढ़ाई करने के आदेश किए गए।
आदेश की पालना में विद्यालय प्रधानाचार्य, अध्यापिकाएं बच्चों को साथ लेकर कृषि अनुसंधान केंद्र पहुंचे तो विभाग के अधिकारियों ने बच्चों को बाहर निकाल कर गेट को ताला जड़ दिया। इस दौरान कई अध्यापिकाएं केंद्र के अंदर ही रह गईं। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान सीआईडी से जानकारी लेने पहुंचे जवानों के लिए भी ताला नहीं खोला गया। काफी मशक्कत के बाद कुछ लोगों को केंद्र में प्रवेश दिया गया।
ग्रामीण-जनप्रतिनिधियों का केंद्र के बाहर धरना
सूचना पर एडीएम सुभाष कुमार, एसडीएम नयन गौतम सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश की। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया।अधिकारियों ने आनन-फानन में 7 दिन की ऑप्शनल व्यवस्था पुलिस लाइन स्थित विद्यालय में कर दी है।
गांव के उपसरपंच अमित सुडिया ने कहा कि कृषि अनुसंधान केंद्र के अधिकारी कलेक्टर के आदेश को भी नहीं मान रहे।सीडीईओ गिरजेश कांत शर्मा, एडीपीसी समसा अरविंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे। इन अधिकारियों का कहना था कि कक्षा 1 से 8 में लोकल स्तर पर ही पेपर तैयार होते हैं। परीक्षा आगे कभी भी ली जा सकती है।
“कलेक्टर मैडम के आदेश की अवहेलना नहीं की है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर ही इस संबंध में कोई निर्णय कर सकता है। वहां से जैसे आदेश मिलेंगे, पालना सुनिश्चित होगी।”
-एन.के. शर्मा, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि अनुसंधान केंद्र, श्रीगंगानगर
“अध्यापकों, अभिभावकों व कृषि अनुसंधान केंद्र के अधिकारियों से वार्ता की गई। फिलहाल बच्चों के लिए पुलिस लाइन में व्यवस्था की गई है।”
