
राजस्थान में कांग्रेस ने 45 जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। श्रीगंगानगर में श्रीकरणपुर से कांग्रेस के विधायक रूपेंद्र सिंह कुन्नर को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले अंकुर मिगलानी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष थे।
हालांकि इससे पहले सादुलशहर से पूर्व विधायक जगदीश चंद्र जांगिड़ का नाम भी जिलाध्यक्ष की रेस में चल रहा था। जांगिड़ गहलोत गुट के हैं।
रुपिंदर सिंह कुन्नर की विधायक के रूप में सक्रियता और सिख समुदाय में लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। कुन्नर किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलनों में भी सक्रिय रहते हैं। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह भी सिख समुदाय से है। ऐसे में राजस्थान में सिख बाहुल्य क्षेत्र में पंचायती चुनाव में वोटरों को साधने के लिए कुन्नर को जिलाध्यक्ष बनाया गया है।
पिता के निधन के बाद मिला टिकट
रुपिंदर सिंह कुन्नर, पूर्व मंत्री स्वर्गीय गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे हैं। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने गुरमीत सिंह कुन्नर को फिर से टिकट दिया था, मगर 25 नवंबर को प्रस्तावित चुनाव से पहले ही इनका निधन हो गया था। इसके चलते करणपुर में 25 नवंबर को चुनाव टाल दिए गए थे। फिर 5 जनवरी को उपचुनाव हुए तो कांग्रेस ने उनके बेटे रुपिंदर सिंह को टिकट दिया।
भाजपा ने करणपुर उपचुनाव में सियासी दांव खेला और मतदान से पहले अपने प्रत्याशी सुरेंद्रपाल सिंह टीटी को राज्यमंत्री बनाया। 8 जनवरी को चुनाव परिणाम आने पर सुरेंद्र पाल सिंह की हार हुई तो इसी दिन शाम को उन्होंने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
8 जनवरी 2024 को करणपुर उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कुल 94950 और भाजपा उम्मीदवार सुरेंद्रपाल सिंह टीटी ने 83667 वोट हासिल किए। कुन्नर की जीत का अंतर 11283 रहा। भाजपा ने सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को चुनाव जीतने से पहले ही मंत्री घोषित कर दिया था। इस घटनाक्रम ने प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोरी थी।
