
श्रीगंगानगर पंजाब से बीकानेर कैनाल में पानी के उतार चढ़ाव का क्रम जारी है। मंगलवार को आरडी 45 से पानी की मात्रा 445 क्यूसेक घटकर 2040 क्यूसेक रह गई। बीकानेर कैनाल में पानी के उतार चढ़ाव के चलते गंगनहर से जुड़ी वितरिकाओं में पानी प्रभावित होेने से किसानों की सिंचाई बारियां पिट रही है। इससे किसानों में आक्रोश है।
पंजाब से बीकानेर कैनाल में गत एक माह के दौरान हर सप्ताह मंगलवार को पानी की मात्रा करीब 500 क्यूसेक कम कर दी जाती है तथा गुरुवार को फिर से पानी की मात्रा बढ़ा दी जाती है। ऐसी स्थिति के चलते गंगनहर का रेगुलेशन सिस्टम पूरी तरह से बिगड़ा हुआ है तथा किसानों की सिंचाई बारियां पिट रही है। ऐसे में कुछ वितरिकाओं को लाभ तो कुछ में किसानों की लगातार दो-दो सिंचाई बारियां पिट रही है।
ग्रामीण किसान मजदूर समिति के पदाधिकारियों ने भी गत दिवस जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस समस्या से अवगत करवाते हुए पंजाब जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाकर पानी का समान नियमित प्रवाह बनाए रखने की मांग की थी। इसके बावजूद मंगलवार को बीकानेर कैनाल की आरडी 45 से 445 क्यूसेक पानी घटा दिया गया।
^ किसानों ने बताया कि देर रात तक राजस्थान बॉर्डर के खखां हैड पर भी पानी की आवक घटकर 1700 क्यूसेक रह जाएगी। इससे कुछ किसानों की सिंचाई बारियां पिटेगी। ^ प्रभावशाली किसानों की पंजाब के अधिकारियों से मिलीभगत के चलते ही हर मंगलवार को पानी कम हो रहा है तथा गुरुवार को फिर से पानी का प्रवाह बढ़ा देते हैं। इस करण बहुत से किसान सिंचाई सुविधा से वंचित हो रहे हैं। जिला कलेक्टर से भी पंजाब के अधिकारियों से समन्वय बनाकर समाधान करने की मांग की है।
