
श्रीगंगानगर वाणिज्यिक कर विभाग/स्टेट जीएसटी की ओर से श्रीगंगानगर में कॉटन जिनिंग, कन्स्ट्रक्शन, वेयरहाउस, फ्लोर/ग्रेन पैकिंग एवं प्लास्टिक उत्पाद से संबंधित श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ जिलों के 9 व्यवसायियों के व्यवसाय स्थल पर सर्वे की कार्रवाई की गई। राज्य के मुख्य आयुक्त कुमार पाल गौतम के निर्देशन में राज्य व्यापी सर्वे अभियान के अंतर्गत श्रीगंगानगर में 4, रायसिंहनगर में 1, सूरतगढ़ में 1 एवं हनुमानगढ़ के 3 व्यवसायियों पर विभाग के 41 अधिकारियों की 9 टीमों ने सर्वे की कार्रवाई की। कर चोरी पाए जाने पर इन व्यवसायियों ने स्वैच्छिक रूप से 1.21 करोड़ नकद राजकोष में जमा करवाए तथा 1.05 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्स किया गया है।
स्टेट जीएसटी विभाग के अनुसार संभाग में कॉटन जिनिंग के 3, कन्स्ट्रक्शन सर्विस के 3 तथा वेयरहाउस, फ्लोर/ग्रेन पैकिंग व प्लास्टिक दाना के 1-1 करदाताओं पर सुबह 11:30 बजे एक साथ सर्वे की कार्रवाई प्रारंभ की गई। ये व्यवसायी टेक्निकल बिंदुओं के आधार पर तथा बोगस व ब्लॉक्ड इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत समायोजन लेते हुए कर चोरी कर रहे थे, जिससे राज्य को लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही थी। कार्रवाई से पूर्व विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी बीओ वेब पोर्टल व अन्य इंटेलीजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर कर चोरी करने वाली फर्मों का पता लगाया गया व भौतिक रूप से इनके व्यवसाय स्थलों पर की जा रही गतिविधियों की रेकी की गई।
श्रीगंगानगर जिले में संयुक्त आयुक्त सुशील कुमार अग्रवाल व प्रदीप कुमार, उपायुक्त ऊषा रानी, ललित पारीक, संजय कुमार व सहायक आयुक्त अख्तर अली ने कार्रवाई की। इसी तरह हनुमानगढ़ जिले में उपायुक्त राजू गोदारा, शकुन्तला शेखावत, सुमित शेखावत के नेतृत्व में सर्वे टीमों का गठन किया गया। इस सर्वे कार्रवाई में श्रीगंगानगर एवं हनुमानगढ़ जिलों में कार्यरत विभाग के स्टाफ को शामिल किया गया।
^ राजस्थान में वाणिज्यिक कर विभाग के समस्त 16 संभागों एवं एन्फोर्समेंट विंग्स की ओर से 100 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है। श्रीगंगानगर संभाग में काफी समय से कर चोरी की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इस पर 41 अधिकारियों की 9 टीमों बनाते हुए सर्वे कार्रवाई की गई। 2.26 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली हुई है। मुख्य आयुक्त कुमार पाल गौत्तम के निर्देशन में भविष्य में भी कर चोरी में लिप्त फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
