
श्रीगंगानगर फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण के लिए जनवरी माह में गंगनहर में प्रस्तावित बंदी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से किसानों में आक्रोश है। असमंजस दूर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान संगठनों से जुड़े किसानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसान नेताओं ने कहा कि जनवरी में नहरबंदी को लेकर सरकार एवं विभाग स्थिति स्पष्ट करे। साधुवाली गाजर मंडी की समस्याओं का समाधान भी किया जाए।
कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में किसान नेताओं ने बताया कि फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण को लेकर जनवरी में नहरबंदी प्रस्तावित है। लेकिन सरकार ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है कि नहरबंदी ली जाएगी या नहीं। किसानों को जनवरी व फरवरी माह में रबी फसलों के पकाव के लिए सिंचाई पानी की आवश्यकता रहती है, ऐसे में किसान सिंचाई पानी मिलेगा या नहीं इसको लेकर चिंतित है। किसान नेताओं ने कहा कि बीकानेर कैनाल को नहरबंदी के दौरान पानी देने की वैकल्पिक व्यवस्था व बंदी को लेकर किसानों से सरकार कोई बात नहीं कर रही है। किसान नेता दिलबाग सिंह संधू ने कहा कि जनवरी की बजाय मार्च में बंदी ली जाए ताकि किसानों को गेहूं एवं सरसों पकाव में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
उन्होंने फिरोजपुर फीडर के निर्माण के दौरान गंगनहर में सिंचाई एवं पेयजल के लिए वैकल्पिक प्रबंध करने की भी मांग की। इस मौके पर गाजर उत्पादक संघ के अध्यक्ष अमरसिंह बिश्नोई ने कहा कि साधुवाली में गाजर मंडी निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां गड्ढे खोदे जा रहे हैं। इससे किसान गाजर धुलाई के लिए पर्याप्त मशीनें भी नहीं लगा पा रहे हैं। इससे गाजर उत्पादकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति रही तो गाजर धोने के लिए किसानों की 500 मशीनों की बजाय 60 ही लग पाएंगी।
प्रशासन गाजर उत्पादकों से बातचीत कर इस समस्या का प्राथमिकता से समाधान करे ताकि किसानों को परेशानी नहीं झेलनी पड़े। प्रदर्शन में यह किसान रहे शामिल: इस मौके पर गंगनहर प्रोजेक्ट चेयरमैन हरविंद्र सिंह गिल वीरेंद्र सिद्धू, अभय सिंह चहल, हर्षपिंदर सिद्धू, सोनू तूर, सुखवीर सिंह फौजी, रविंद्र तरखान कुलविंदर सिंह, मनप्रीत सोही, सतविंदर पप्पू, निशान मान, बब्बू हरनौली, जगमीत सिंह बराड़, सुखमन सिंह, फतेहमान कंग, ओंकार वहला, संदीप सिंह, बब्बू सेखों अमर सिंह बिश्नोई, बॉबी प्रधान, पाल सिंह संधू, यादविन्द्र ढिल्लो सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
