
जमीन अधिग्रहण के दौरान किसानों की उचित सुनवाई नहीं की गई।
. रिपोर्ट के मूल्यांकन के 12 माह के दौरान प्रभावित किसानों के साथ बैठक नहीं की गई।
. संभागीय आयुक्त ने प्रभावित किसानों के पुनर्वास की योजना तैयार नहीं की।
. सार्वजनिक तौर पर किसानों की सुनवाई के लिए कैम्प आयोजित नहीं किए गए। भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर जिले की लालगढ़ जाटान छावनी के साथ लगती करीब 525 बीघा जमीन पर आधुनिक फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस (एफसीएबी) बनेगा। जमीन के मालिक किसानों की ओर से अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ लगाई गई याचिका को हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ ने 18 दिसंबर को खारिज कर दिया है।
जस्टिस डॉ. नुपूर भाटी की एकल पीठ की ओर से 59 किसानों की जनहित याचिका को खारिज किया गया है। जल्द ही उक्त जमीन के 162 किसानों को जमीन अधिग्रहण के बदले 22 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जाएगा। यह जमीन 21 एसडीएस चक में स्थित है। इसको लेकर वर्ष 2022-23 से सेना की ओर से प्रक्रिया अपनाई जा रही थी। सेना के बीकानेर स्थित रक्षा संपदा अधिकारी की ओर से जमीन अधिग्रहण के लिए बनाई गई कमेटी की ओर से इस जमीन का चयन किया गया था। लंबी प्रक्रिया के बाद अब जाकर एयर बेस बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है।
श्रीगंगानगर जिले में यह सूरतगढ़ के बाद दूसरा एवं भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा का पांचवां एयर बेस व राजस्थान में सातवां एयरबेस होगा। श्रीगंगानगर जिला भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जिले की 210 किमी सीमा पाकिस्तान से लगती है। जिले में तीन सैन्य छावनी, एक एयर स्टेशन, सीआरपीएफ का ट्रेनिंग कैम्प, बीएसएफ का सेक्टर हेड क्वार्टर इसको और अधिक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।
पाकिस्तान बॉर्डर पर सबसे नजदीक लालगढ़ सैन्य स्टेशन ही है। इसलिए इस जगह पर एडवांस फॉरवर्ड कंपोजिट एविएशन बेस बनाया जा रहा है। लालगढ़ जाटान सैन्य स्टेशन पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर पंजाब और राजस्थान दोनों राज्यों में सबसे नजदीक का सैन्य अड्डा है। राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर के जिलों पहले से 5 एयरफोर्स स्टेशन ऑपरेशनल हैं। नए एयरबेस से युद्ध की कंडीशन में पाकिस्तान के जकोबाबाद, भोलारी और रहीम यार खान एयरबेस तक फाइटर जेट तेजी से पहुंच सकते हैं।
आगे क्या; किसानों को 6.50 लाख रुपए प्रति बीघा की दर से मुआवजा: स्वीकृत लालगढ़ जाटान के किसान नेता राजेंद्र ज्याणी ने बताया कि उक्त करीब 525 बीघा जमीन में से लगभग आधी जमीन तो बारानी है। लेकिन सरकार की ओर से डीएलसी एक लाख 85 हजार प्रति बीघा से लगभग तीन गुना अधिक 6 लाख 50 हजार रुपए प्रति बीघा का मुआवजा स्वीकृत किया हुआ है। करीब 22 करोड़ से अधिक की रकम कलेक्टर के अकाउंट में ट्रांसफर हुए 6 माह हो गए। अब प्रभावित किसान हलफनामा देकर मुआवजा ले सकेंगे।
लालगढ़ सैन्य स्टेशन के साथ चिपती जमीन पर बनेगा एयर बेस : यह जमीन चक 21 एसडीएस के रकबा में है। इसमें 130.349 हेक्टेयर जमीन किसानों की और 2.476 हेक्टेयर सरकारी जमीन है। यह 132.825 हेक्टेयर जमीन लालगढ़ सैन्य स्टेशन के बिलकुल साथ उत्तर-पूर्व की ओर चिपती हुई है। इसी साल मई में पाकिस्तान पर किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की ओर से किए गए ड्रोन हमले सबसे ज्यादा श्रीगंगानगर जिले की सीमा में ही असफल किए गए थे। भारतीय सेना की ओर से बनाए जा रहे इस एयरबेस का सामरिक महत्व अत्यधिक है। लालगढ़ जाटान सैन्य क्षेत्र में आयुद्ध डिपो, तोपखाना रेजीमेंट है। इसके ऑपरेशनल होने के बाद युद्ध की स्थिति में पाकिस्तानी एयरबेस पर भारतीय वायु सेना की अटैकिंग पावर बढ़ेगी।
बॉर्डर के निकट इस एयरबेस की युद्ध के समय सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। क्योंकि इसके नजदीक सूरतगढ़ एयरबेस पाकिस्तानी सीमा से लगभग 80 किमी, बठिंडा से 110 किमी, अमृतसर से 35 किमी और पठानकोट के एयरबेस से पाकिस्तान बॉर्डर 40 किमी दूर है। जबकि लालगढ़ सैन्य स्टेशन से पाकिस्तान सीमा महज 30 किमी दूर ही है। राजस्थान के जोधपुर का एयर स्टेशन लगभग 300 किमी, जैसलमेर का एयर स्टेशन करीब 110 किमी, बाड़मेर के उतरलाई में स्थित एयरफोर्स स्टेशन पाकिस्तान सीमा से करीब 120 किमी दूर है। बीकानेर के नाल एयरफोर्स स्टेशन से भी पाकिस्तान सीमा करीब 120 किमी दूर है।
