
शहर के पुरानी आबादी में सीवरेज लाइन के चल रहे काम के दौरान जलदाय विभाग की 250 एमएम मुख्य लाइन टूटने से दो कॉलोनियों व श्रीकरणपुर रोड के 2500 उपभोक्ताओं को दो दिन तक पेयजल सप्लाई नहीं मिली। रविवार दोपहर में टूटी पाइपलाइन को पीएचईडी की टीम 30 घंटे बाद सोमवार रात 8 बजे सही कर पाई। सीवरेज कार्य के दौरान 10 से अधिक बार पाइपलाइन लीक होने या टूटने के कारण इसके सुधार पर पीएचईडी अब तक 2 लाख रुपए से ज्यादा खर्च चुकी है।
पीएचईडी एईएन कृष्ण कुमार धारीवाल के अनुसार इन दिनों डीआरए इंफ्राटेक की ओर से पुरानी आबादी में श्रीकरणपुर रोड से राधास्वामी डेरा रोड पर ट्रेंचलेस सीवर लाइन का काम किया जा रहा है। इस दौरान ठेकेदार के मशीन ऑपरेटर की लापरवाही से रविवार दोहपर में करीब 1 बजे 250 एमएम की एसी लाइन को चोट लगने वह टूट गई। जिसे जोड़ने में 8 लोगों की टीम को डेढ़ दिन लगा। सोमवार रात 8 बजे पाइपलाइन को ठीक किया जा सका। इसके बाद प्रभावित सरस्वती कॉलोनी व कृष्णा निकुंज सहित श्रीकरणपुर रोड के उपभोक्ताओं को सप्लाई दी गई।
एलएंडटी का काम अधूरा, पीएचईडी को 250 घरों के लिए इस बड़ी लाइन में देना पड़ रहा पानी : पुरानी आबादी में एलएंडटी नई वाटर लाइन का काम पूरा होने का दावा करती आ रही है। जबकि पटाका फैक्ट्री के पास राधास्वामी रोड पर सरस्वती कॉलोनी व कृष्णा निकुंज में एलएंडटी ने वाटर लाइन का काम ही नहीं किया है। इसे लेकर पहले नगर परिषद ने आरयूआईडीपी को लिखा था।
अब पीएचईडी ने भी उपखंड अधिकारी व आरयूआईडीपी के अधिकारियों को लिखा है। पीएचईडी अधिकारियों का कहना है कि एलएंडटी के अधूरे काम के चलते जलदाय विभाग को केवल 250 घरों के लिए इस 250 एमएम डाया की बड़ी व 4 किमी लंबी पाइपलाइन में पानी छोड़ना पड़ता है। वहीं, लाइन के बार-बार टूटने से इसमें नालियों का गंदा पानी भी चला जाता है। जिस कारण दूषित पानी की शिकायतें बढ़ जाती है। इससे विभाग की बदनामी भी होती है।
