
श्रीगंगानगर क्षेत्र में मौसम शुष्क होने के साथ ही अब कोहरे का आगमन शुरू हो गया है। रविवार को सुबह 10 बजे तक घना कोहरा छाया रहा तथा विजिबिलिटी घटकर दो से तीन मीटर के आसपास रह गई। इस कारण वाहनों की अवाजाही प्रभावित रही। साथ ही कड़ाके की ठंड का प्रभाव भी बना रहा। मौसम शुष्क होने के साथ ही अब रात के तापमान में भी गिरावट का दौर शुरू हो गया है।
रविवार को न्यूनतम तापमान गत दिवस से 1.6 डिग्री गिरकर 6 डिग्री सेल्सियस आ गया। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दो तीन दिनों में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना व्यक्त की है। राधेश्याम शर्मा, निदेशक, प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। उत्तरी हवाओं के प्रभाव से सर्दी का प्रभाव भी बना रहेगा। इसके बाद फिर से पश्चिमी विभाग के प्रभाव से मौसम में बदलाव होगा तथा अलग-अलग क्षेत्रों में बादलवाही के साथ ही बारिश होने की संभावना रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में श्रीगंगानगर को छोड़कर ज्यादातर जिलों में रविवार को दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही दर्ज किया गया। प्रदेश में कोटा का रविवार को अधिकतम तापमान 13.3 व बारां का अधिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर का दिन का तापमान 15.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बाजार: तापमान में गिरावट के कारण हीटर, ब्लोअर, रजाई-कंबल और ऊनी कपड़ों की मांग तेजी से बढ़ी है। दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है।
दुकानदारों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते में बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर हीटर और गर्म कपड़ों की ज्यादा मांग है। कृषि : गाजर व किन्नू की फसलों के लिए कोहरा व ठंड लाभकारी है। वर्तमान में न्यूनतम तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं आई है तथा कोहरे का प्रभाव भी बना हुआ है। ऐसे में सरसों की फसल में पाले की मार की भी आशंका नहीं है।
अन्य फसलों के लिए भी ऐसा मौसम लाभकारी ही है। परिवहन: घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी दो से तीन मीटर के आसपास रही। सुबह-सुबह सड़कों पर वाहन भी धीमी गति से लाइट जलाकर आते-जाते दिखाई िदए। सुबह 8 बजे तक जिला मुख्यालय पर पहुंचने वाली द्रुतगामी बसें भी अपने निर्धारित समय से एक से डेढ़ घंटा देरी से यहां पहुंचीं।
