
नेहा: मैम, आपके जैसे अफसर बनना है, क्या करें?
एसपी: बिलकुल बन सकते हो। इसके लिए मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। अपने लक्ष्य पर फोकस रखना होगा। स्वामी विवेकानंद ने कहा है- उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। इसी मंत्र को जीवन में अपनाएं।
सुखविंद्र: हम स्टूडेंट्स पुलिस की कैसे मदद कर सकते हैं?
एसपी: इस समय श्रीगंगानगर जिले की सबसे बड़ी चुनौती नशा है। आप सभी से अपील है कि न खुद नशा करें और न किसी को करने दें। अगर आसपास कोई भी संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को 8764513201 नंबर पर मैसेज कर सूचना दें।
सत्यवती: पुलिस की कार्यप्रणाली क्या होती है?
एसपी: पुलिस का मुख्य कार्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, आमजन की सुरक्षा करना और अपराध को रोकना है। शिकायत मिलने पर जांच की जाती है, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती है। इसके साथ ही पुलिस महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था और नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में भी लगातार काम करती है।
हरप्रीत: युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगी?
एसपी: युवा नशे से दूर रहें, शिक्षा और खेल से जुड़ें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें। पुलिस और जनता के सहयोग से ही सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर चौ. बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की चारों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में युवा चेतना सप्ताह का शुभारंभ किया गया। आउटरीच गतिविधि के अंतर्गत स्वयंसेविकाओं ने एसपी कार्यालय का भ्रमण किया, जहां एसपी डॉ. अमृता दुहन ने युवा शक्ति, सामाजिक जिम्मेदारियों और कानून के प्रति जागरूकता पर विचार साझा किए।
इसके बाद यातायात पुलिस थाना में छात्राओं को यातायात नियमों और ई-चालान प्रक्रिया की जानकारी दी गई। एसपी डॉ. अमृता दुहन से विद्यार्थियों की बातचीत के अंश… इससे पहले कार्यक्रम का आरंभ स्वयंसेविकाओं द्वारा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पूनम सेतिया ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया, जिसे प्राचार्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
स्वयंसेविकाओं ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ दौड़ में भाग लिया। दौड़ में शामिल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोनिका कटारिया ने बताया कि 19 जनवरी तक भाषण, स्लोगन, पोस्टर प्रतियोगिताएं, योग-ध्यान सत्र और व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मोनिका कटारिया, डॉ. अलका, संतोष परिहार व ममता के निर्देशन में किया गया।
