
श्रीगंगानगर । स्कूल की दूसरी मंजिल से गिरकर छात्रा की मौत के मामले में परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं।
पिता ने कहा- जब हमने छात्रा की तबीयत खराब होने का हवाला देकर परिवार के एक सदस्य को उसके साथ रहने की गुजारिश की तो स्कूल स्टाफ ने मना कर दिया था। स्कूल स्टाफ ने कहा- हमारा सिस्टम हमारे हिसाब से चलेगा। प्रैक्टिकल नहीं दिया तो भविष्य खराब हो जाएगा। टीसी कटवा कर ले जाने की धमकी भी दी।
मामले को लेकर प्रिंसिपल कमलेश कटारिया ने बताया- अभी जांच चल रही है, हम भी छात्रा के परिजनों से बात कर रहे हैं।
मामलाश्रीगंगानगर
के एसडी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल शुक्रवार शाम का था।
श्रीगंगानगर के कोतवाली थाना SHO ने कहा- 12वीं मेडिकल साइंस की छात्रा रमनदीप के स्कूल के दूसरे फ्लोर से गिरने के मामले में जांच जारी है। परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल कमलेश कटारिया, स्टाफ कृष्ण वर्मा और टीचर किरण के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज करने की शिकायत दी है। CCTV खंगाल रहे हैं।

तस्वीर, परिजनों की है। जैसे ही रमनदीप नीचे गिरी उसे उठा कर अस्पताल दौड़ पड़े।
‘ऊंचाई से डरती थी, छत पर भी नहीं जाती थी’
छात्रा के पिता विजय कुमार ने शिकायत में बताया- रमनदीप को ऊंचाई से डर लगता था और वह छत पर भी नहीं जाती थी। उसकी तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। 8 जनवरी को हमने स्कूल स्टाफ से रिक्वेस्ट की थी कि छात्रा के प्रैक्टिकल के दौरान परिवार के किसी सदस्य को साथ रहने दिया जाए।
लेकिन स्कूल स्टाफ ने मना कर दिया। स्कूल स्टाफ ने कहा- हमारा सिस्टम आपके हिसाब से नहीं चलेगा। इसके बाद जबरन 11,960 रुपए फीस जमा करवाई गई, जिसमें से 4 हजार की रसीद भी नहीं दी गई।
जबरन एग्जाम के लिए सेकेंड फ्लोर पर ले गए
विजय कुमार ने बताया- 14 जनवरी को फिजिक्स का पेपर था। पत्नी देवकी साथ गईं, लेकिन रमनदीप को जबरदस्ती एग्जाम देने दूसरी मंजिल पर ले जाया गया जहां वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे मुश्किल से नीचे लाया गया और दवाई दी गई। इसके बाद फिर से प्रैक्टिकल के लिए वापस ऊपर ले जाने की कोशिश की गई। जब हमने इसका विरोध किया तो प्रिंसिपल ने कहा- प्रैक्टिकल नहीं दिया तो रिजल्ट खराब होगा, स्कूल की बदनामी होगी। टीसी कटवाकर घर ले जाओ।

पूरा परिवार मॉर्च्युरी के बाहर जमा है। पिता सिर पकड़े बैठे हैं।
लैब से निकलते ही गिरी
पिता ने बताया- 16 जनवरी को फिर से बायोलॉजी प्रैक्टिकल के लिए फिर दबाव डाला गया। जिसके बाद रमनदीप को तबीयत खराब होने के बावजूद दूसरी मंजिल पर ले जाया गया। प्रैक्टिकल पूरा कर लैब से निकलते ही रमनदीप को चक्कर आया और वह सीढ़ियों बालकनी से नीचे ग्राउंड फ्लोर पर गिर गई।
जिसे पत्नी और भांजे ने देखा और शोर मचाया। रमनदीप को तुरंत अर्पण हॉस्पिटल लेकर जाया गया जहां से उसे सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी है। इसमें स्कूल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील की है।
स्कूल की जिद के कारण बेटी की मौत हुई
परिजनों का कहना है कि छात्रा की मौत स्कूल स्टाफ की लापरवाही और जिद के कारण हुई है। वे लगातार ऊपर ले जाने पर अड़े रहे, जबकि स्वास्थ्य खराब होने की बार-बार जानकारी दी गई थी। छात्रा का शव अभी सरकारी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में है। अभी तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया।

स्कूल में कुल 3 फ्लोर है, दूसरे फ्लोर पर प्रैक्टिकल आयोजित हो रहे थे। लैब से निकलते ही रमनदीप हॉल में आ गिरी।
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