
हनुमानगढ़ खेतों में पानी के प्रबंधन के लिए डिग्गी निर्माण के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई अटल भूजल योजना अब बंद कर दी गई है। जिले में इस योजना के तहत अब लक्ष्य मिलेंगे और न ही विभाग द्वारा किसी तरह की स्वीकृति दी जाएगी। 2 वर्षों में 1369 डिग्गियों का निर्माण हो चुका है। इसकी सब्सिडी भी लगभग 41 करोड़ रुपए रुक गई है। सब्सिडी नहीं मिलने और योजना के बंद होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृति डिग्गियों की सब्सिडी किसानों को अवश्य मिलेगी। जानकारी के अनुसार जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 में 829 डिग्गियों का निर्माण हुआ था। इसकी भी सब्सिडी नहीं मिली। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 540 डिग्गियों का लक्ष्य मिला। विभाग द्वारा इनकी स्वीकृति जारी कर दी गई। इन किसानों ने भी अब खेतों में डिग्गी का निर्माण कर लिया है। प्रत्येक डिग्गी पर सरकार द्वारा 3 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। अनुदान की उम्मीद में ही किसान डिग्गियों का निर्माण करवाने हैं। लगभग दो सालों से सब्सिडी नहीं मिलने से किसानों को भारी परेशानी हो रही है। किसानों ने जिला प्रभारी मंत्री और कृषि मंत्री तक अनुदान के भुगतान को लेकर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। भूजल प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार द्वारा अटल भूजल योजना की शुरूआत राजस्थान सहित सात राज्यों में की गई थी। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के तीन ब्लॉक चिन्हित किए गए। केंद्र से बजट मिलने के बाद अनुदान राज्य सरकार द्वारा ही जारी किया जाता है। लक्ष्य भी राज्य सरकार द्वारा दिए जाते हैं। सरकार ने दो सालों में 1369 डिग्गियों का लक्ष्य जारी किया। लक्ष्य मिलने पर विभाग ने स्वीकृति जारी की और किसानों ने खेतों में डिग्गियों का निर्माण भी कर लिया। सबसे बड़ी बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशासनिक स्वीकृति देरी से जारी होने के कारण कई किसान डिग्गी का निर्माण नहीं कर पाए थे।
सरकार द्वारा किसानों को 31 मार्च 2025 तक ही निर्माण पूरा करने के लिए गाइडलाइन जारी की गई। किसानों ने खड़ी फसलों की कटाई का डिग्गी का निर्माण किया, लेकिन अभी तक सब्सिडी नहीं मिली है। ^सरकार सिर्फ घोषणा कर वाहवाही लूट रही, धरातल पर नहीं मिल रहा लाभ: अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों का टारगेट देकर वाहवाही लूटी। धरातल पर किसानों को कोई लाभ नहीं मिला। किसानों ने अनुदान की उम्मीद में खेतों में डिग्गी बना भी ली। दो वर्ष से किसान ब्याज चुके रहे हैं। सुरेंद्र शर्मा, तहसील अध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा ^योजना के तहत डिग्गी बनाने वाले सभी किसानों को मिलेगा अनुदान, जल्द भुगतान की उम्मीद: अटल भूजल योजना बंद हुई है। योजना के तहत के जिन किसानों को स्वीकृति दी गई है सभी को सब्सिडी मिलेगी। भुगतान को लेकर उच्च स्तर पर वार्ता की जा रही है। जल्द ही अनुदान का भुगतान होने की उम्मीद है। डॉ. प्रमोद यादव, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), हनुमानगढ़ डिग्गी निर्माण से पानी की बचत के साथ सदुपयोग भी, इसलिए किसानों का बढ़ रहा रुझान: खेत में डिग्गी निर्माण से सिंचाई पानी की बचत होती है। साथ ही स्टोरेज किए गए पानी का सदुपयोग भी होता है। डिग्गियों में बरसात का पानी एकत्रित हो सकता है। साथ ही बरसात के समय सिंचाई पानी की बारी का पानी डिग्गी में स्टोरेज किया जा सकता है। डिग्गियों में भंडारण किए गए पानी से किसान खेतों में आवश्यकता अनुसार सिंचाई कर सकते हैं। समय पर सिंचाई होने से फसलों का उत्पादन भी ज्यादा होता है।
डिग्गियों में स्टोर किए गए पानी को फव्वारा या ड्रिप के माध्यम से उपयोग में लिया जा सकता है। इससे फसलों को फायदा अच्छा होता है, वहीं पानी की बचत भी होती है। इसीलिए किसानों का डिग्गी निर्माण के लिए रुझान बढ़ रहा है। सरकार साल-दर-साल जिले में डिग्गी निर्माण का लक्ष्य भी कम कर रही है। लक्ष्य आबंटित होने के बाद किसानों को सब्सिडी का भुगतान समय पर नहीं होता। इससे कृषकों को आर्थिक के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
