
हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील, हनुमानगढ़ ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय पर संघ के सदस्यों ने जिला कलैक्ट्रैट पर प्रदर्शन कर जिला कलक्टर के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजते हुए त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि लंबे समय से विभिन्न मुद्दे लंबित पड़े हैं, जिससे शिक्षकों का मनोबल, पारिवारिक जीवन और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में संघ जिलाध्यक्ष मास्टर तरूण मेघवाल ने ग्रीष्मावकाश की समय-सारिणी में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि अवकाश 17 मई से 30 जून तक किया जाए तथा विद्यालयों का पुनः संचालन 1 जुलाई से प्रारंभ हो। साथ ही नए शिक्षा सत्र के 1 अप्रैल से शुरू होने के निर्णय का स्वागत भी किया गया।
संघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर भी चिंता जताई। ज्ञापन में बताया गया कि अंतिम बार जुलाई 2018 में स्थानांतरण हुए थे, जिसके बाद से यह प्रक्रिया लंबित है। इसके अलावा पदोन्नति और डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) की कार्यवाही भी पिछले पांच वर्षों से नहीं हुई है, जिसे शीघ्र पूरा करने और पदोन्नत शिक्षकों को काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापन देने की मांग की गई।
वेतन विसंगतियों को दूर करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन ने बताया कि वर्ष 2005 से 2010 के बीच नियुक्त शिक्षकों की वेतन संबंधी विसंगतियां अभी तक लंबित हैं, जिससे उनमें असंतोष है। इसके अलावा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग करते हुए कहा गया कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
संस्था प्रधानों के अवकाश में की गई कटौती को पुनः बहाल करने, संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण, विभागीय जांच प्रकरणों के समय पर निस्तारण और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती व पद सृजन की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
संघ ने सातवें वेतनमान से जुड़ी अनियमितताओं को दूर करने तथा आठवां वेतन आयोग लागू करने की भी मांग रखी। साथ ही एनटीटी एवं पूर्व-प्राथमिक शिक्षकों के लिए “समान काम समान वेतन” लागू करने की बात कही गई।
इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, सहयोगिनियों और कुक-कम-हेल्परों के मानदेय में वृद्धि की मांग भी की गई है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो शिक्षकों में असंतोष बढ़ेगा, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। इस मौके पर तरूण मेघवाल, सत्यपाल डूडी, राममूर्ति, शीशपाल आर्य, मनोज यादव, कृष्ण ढाका, धनश्याम शर्मा, रामकुमार, हनुमान लदोईया, पवन शर्मा, विजय कुमारी, रेखा, महावीर भादू, सुभाष, बलजिन्द्र सिंह, भूप भादू व अन्य शिक्षक मौजूद थे।

