
मय सीमा बढ़ाने व बारदाना उपलब्ध कराने की मांग, 10 हजार से अधिक किसानों के जुटने का दावा
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) । संयुक्त किसान मोर्चा ने गेहूं की सरकारी खरीद की समय सीमा बढ़ाने, बंद पड़े खरीद पोर्टल को पुनः शुरू करने तथा मंडियों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर 6 जून को जिला मुख्यालय पर विशाल किसान-मजदूर प्रदर्शन का ऐलान किया है। किसान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान नेता रेशम सिंह माणुका ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने की केवल घोषणा की, लेकिन खरीद प्रक्रिया से जुड़े पोर्टल को पुनः शुरू नहीं किया गया। ऐसे में हजारों किसानों की उपज अभी भी खरीद से वंचित है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह नीति किसानों के साथ अन्याय है और किसान इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। रामेश्वर वर्मा ने कहा कि मंडियों में बारदाने की भारी कमी के कारण खरीद व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों को कई-कई दिनों तक अपनी उपज के साथ मंडियों में इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों का आर्थिक नुकसान और बढ़ेगा। किसान नेता रायसाहब चाहर मल्लड़खेड़ा ने कहा कि जिले में बड़ी मात्रा में गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है, लेकिन खरीद एजेंसियों की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण किसानों को राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत समझते हुए तुरंत खरीद अवधि बढ़ानी चाहिए। ओम जांगू ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा लंबे समय से किसानों की समस्याओं को उठा रहा है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। उन्होंने कहा कि किसानों के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है, जिसका जवाब अब लोकतांत्रिक आंदोलन के माध्यम से दिया जाएगा। किसान नेताओं ने दावा किया कि 6 जून को जिलेभर से 10 हजार से अधिक किसान और मजदूर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचेंगे तथा कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा और आगामी आंदोलन की रणनीति भी मौके पर ही तय की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से खरीद पोर्टल शुरू नहीं किया, गेहूं खरीद की समय सीमा नहीं बढ़ाई और बारदाने की व्यवस्था नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी चरण में रेलवे ट्रैक जाम, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर चक्का जाम तथा अन्य बड़े आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। प्रेस वार्ता में मौजूद किसान नेताओं ने जिले के किसानों, खेत मजदूरों और सामाजिक संगठनों से 6 जून के प्रदर्शन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर किसान एकजुटता का परिचय देने का आह्वान किया।
