
डॉक्टर्स फॉर सोसायटी व एकता मंच के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता सेमीनार आयोजित
हनुमानगढ़। (भटनेर एक्सप्रेस) पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर्स फॉर सोसायटी एवं एकता मंच के संयुक्त तत्वावधान में मुक्तिधाम, हनुमानगढ़ जंक्शन में पर्यावरण संरक्षण जागरूकता सेमीनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक के दुष्प्रभावों तथा आमजन की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसके उपयोग को कम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फाउंडेशन के संरक्षक डॉ. पारस जैन, डॉ. रवि त्रेहन, जिला एवं सैशन न्यायधीश अमित कड़वासरा थे, जबकि अध्यक्षता एकता मंच के अध्यक्ष राजेश मिड्ढा ने की। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जसप्रीत सिंह संधू ने कहा कि प्लास्टिक वर्तमान समय में मानव शरीर और जीवन में धीमे जहर की तरह फैल रहा है। इसके दूरगामी परिणाम अत्यंत खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से बचने और इसके उपयोग को नियंत्रित करने का अवसर है, लेकिन यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि इससे बच निकलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। जिला एवं सैशन न्यायधीश अमित कड़वासरा ने अपने संबोधन में प्लास्टिक से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के कप, गिलास, पैकेजिंग सामग्री, टॉफियों के रैपर और अन्य प्लास्टिक उत्पादों के नियमित उपयोग से शरीर में नैनो प्लास्टिक के सूक्ष्म कण प्रवेश कर जाते हैं। ये कण धीरे-धीरे शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करते हैं और सिरदर्द, नसों में रुकावट, हृदय रोग, हार्ट अटैक, कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लगभग दस से बीस वर्ष पहले जहां हार्ट के मरीज बहुत कम देखने को मिलते थे, वहीं आज बड़ी संख्या में ऐसे मरीज अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण जीवनशैली में बदलाव और प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग भी है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करने का आग्रह किया। डॉ. जगदीश खत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक स्तर पर बदलाव लाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने घर और कार्यस्थल पर प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े, कागज, स्टील अथवा अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों का उपयोग करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। एकता मंच के सचिव अश्विनी गर्ग ‘आशु’ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों से अपने घर और प्रतिष्ठान में किसी भी प्रकार के प्लास्टिक का उपयोग बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत में कठिन अवश्य लगा, लेकिन दृढ़ संकल्प और जागरूकता के बल पर यह संभव हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान हंसवाहिनी संगीत कला मंदिर के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने “हमारे घर पर आई समस्या”, “आओ पेड़ लगाएं, प्लास्टिक हटाएं” तथा “धरती बचाएं” जैसे प्रेरणादायक गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उनकी प्रस्तुतियों को सभी ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। सेमीनार के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना भी समय की आवश्यकता है। पेड़ न केवल प्रदूषण को नियंत्रित करते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान पौधे भेंट कर किया गया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों को एक-एक पौधा देकर जीवन में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाने तथा प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संकल्प दिलाया गया। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों की भागीदारी बढ़ेगी। इस मौके पर डॉक्टर्स फॉर सोसायटी के डॉ. नरेश संकलेचा, डॉ. विक्रम जैन, डॉ. पुनीत जैन, डॉ. संदीप भाकर, डॉ. दीपक खुराना, बलजिन्द्र सिंह, दिनेश गुप्ता, पवन सरावगी, एकता मंच से राजेश मिड्ढ़ा, अश्वनी गर्ग आशु, मानवेन्द्र भादू, अरूण खुराना बॉबी, विजय बलाडिया, मनीष सिंगला, करणवीर चौधरी, पारस गर्ग, सौरभ शर्मा, राजेश मदान, क्रियांशी संकलेचा, नव्या गर्ग, सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
