
कांग्रेस ने कृषि मंत्री के इस्तीफे और दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग, आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) राजस्थान कृषि विभाग में बीज और खाद कारोबार से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय हनुमानगढ़ में रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर, विधायक विनोद गोठवाल, पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी एवं विधायक प्रत्याशी अजीत बेनीवाल ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि कृषि विभाग से जुड़े इस कथित खाद-बीज घोटाले के भौगोलिक और प्रशासनिक दायरे की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले में जितने भी प्रभावशाली और रसूखदार लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में करोड़ों रुपये के वित्तीय भ्रष्टाचार की आशंका है और सरकार की पहली प्राथमिकता किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध करवाना होना चाहिए। मक्कासर ने कहा कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को सत्ता संरक्षण प्राप्त नहीं होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एफआईआर में दर्ज संवादों से यह संकेत मिलता है कि रिश्वतखोरी का कथित खेल केवल विभागीय अधिकारियों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार उच्च स्तर तक जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि मंत्री के पद पर रहते हुए विभागीय अधिकारी स्वतंत्र रूप से तथ्य सामने नहीं ला पाएंगे, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए उनका इस्तीफा आवश्यक है। विधायक विनोद गोठवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि मामले की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा तथा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक बड़े पदों पर बैठे लोगों को जांच प्रक्रिया से अलग नहीं किया जाएगा, तब तक मामले के वास्तविक सूत्रधारों तक पहुंचना कठिन होगा। विधायक प्रत्याशी अजीत बेनीवाल ने मामले के कानूनी एवं तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर में जिन कथित टेलीफोन वार्तालापों और कॉल रिकॉर्डिंग्स का उल्लेख किया गया है, वे एक बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को पूरे मामले की तह तक जाकर सत्य सामने लाना चाहिए। पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र दादरी ने कहा कि यदि सरकार इस मामले को दबाने का प्रयास करती है अथवा केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जाता है तो कांग्रेस पार्टी किसानों को साथ लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि बीकानेर संभाग सहित पूरे राजस्थान में ग्राम पंचायत स्तर तक किसानों को संगठित कर आंदोलन चलाया जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि किसानों से जुड़े इस गंभीर मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और किसानों का विश्वास कायम रह सके।
