
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) महाराणा प्रताप जयंती के अवकाश के बावजूद ग्रामीणों और किसानों ने आज तीन पुली से चक 4-जैड को जाने वाले रास्ते को धरना लगाकर जाम कर दिया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट में भी प्रदर्शन कर धरना लगाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता की। इसके कुछ देर बाद ही जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने पूरे जिले में खेतों के चारों ओर लगी ब्लेड तार फेंसिंग और इलेक्ट्रिक झटका फेंसिंग को तत्काल प्रभाव से हटाने के सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। ब्लड तार फेंसिंग हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तीन-चार दिन पूर्व भी जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया था लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई लेकिन आज जारी किए आदेश में जिला कलक्टर ने कहा कि वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार खुले क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीव अक्सर इन ब्लेड तारों और इलेक्ट्रिक फेंसिंग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं तथा कई मामलों में उनकी मृत्यु भी हो जाती है।

यह स्थिति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2023) के तहत कानूनी अपराध की श्रेणी में आती है।डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले के सभी काश्तकारों को ऐसी फेंसिंग तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध पुलिस एवं वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। जिला मजिस्ट्रेट ने सभी उपखंड मजिस्ट्रेटों को फेंसिंग हटाने की कार्रवाई की निगरानी करने और रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश पूरे श्रीगंगानगर जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। ग्राम पंचायत नेतेवाला के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पारीक के नेतृत्व में ग्रामीणों ने आज जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर कंटीली तथा ब्लेड धार वाली तारबंदी हटाने की कार्यवाही नहीं की गई तो जिला कलेक्ट्रेट का महाघेराव किया जाएगा। बता दें कि इस मांग को लेकर दो दिन पहले भी ग्रामीण प्रदर्शन किया था। ग्रामीणों ने सड़कों के किनारे लगी ब्लेडयुक्त कंटीली तारों को हटाने की मांग को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों ने बताया कि ये ब्लेडयुक्त तारें लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं और गांव के 10 से अधिक युवा इनसे घायल हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और सरपंच को बार-बार इस समस्या से अवगत कराया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। श्रीगंगानगर में ग्रामीणों द्वारा आज महाराणा प्रताप जयंती के अवकाश के बावजूद जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किए जाने के कुछ ही दे रबाद जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने जिलेभर के किसानों को खेतों के चारों ओर लगी ब्लेड तार फेंसिंग एवं झटका (इलेक्ट्रिक) फेंसिंग तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए।

आदेश में जिला कलेक्टर ने कहा है कि वन विभाग की रिपोर्ट में बताया गया कि खुले क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीव अक्सर ब्लेड तार और इलेक्ट्रिक फेंसिंग की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं । कई मामलों में उनकी मृत्यु भी हो जाती है। यह स्थिति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधित 2023) के तहत कानूनी अपराध की श्रेणी में आती है।
जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले के सभी काश्तकारों को ऐसी फेंसिंग हटाने के निर्देश दिए हैं। आदेश की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध पुलिस एवं वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने जिले के सभी उपखंड मजिस्ट्रेटों को फेंसिंग हटाने की कार्रवाई की निगरानी कर रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश पूरे श्रीगंगानगर जिले में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। ग्राम पंचायत नेतेवाला के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पारीक के नेतृत्व में आज फिर से ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर कंटीली और ब्लेड धार वाली तारबंदी को हटाने संबंधी कार्यवाही नहीं की गई तो जिला कलेक्ट्रेट का महाघेराव किया जाएगा। जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने से पूर्व ग्रामीणों ने तीन पुली से चैक 4-जैड को जाने वाले मार्ग पर धरना लगाया और रास्ता अवरुद्ध कर दिया। लगभग आधे घंटे तक ग्रामीणों के धरना लगाए रखने पर जिला प्रशासन ने उनको वार्ता के लिए आमंत्रित किया। ग्रामीण प्रतिनिधियों के साथ अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रशासन एवं सतर्कता द्वारा वार्ता की गई। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने कहा कि कल आदेश जारी कर दिए जाएंगे लेकिन ग्रामीण अड़ गए कि आज ही आदेश जारी किए जाएं। इस मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट के अंदर ही धरना देकर बैठ गए। सुरेंद्र पारीक पूर्व सरपंच,पूर्णराम झोरड़,सरपंच बेअंतसिंह युवा नेता निशांत पारीक,अनिल गोदारा ,चंद्रसेन, विकास, सुभाष, राजकुमार, विजयसिंह , संजय कुमार आदि काफी संख्या में ग्रामीण एवं महिलाएं धरने पर बैठे।ग्रामीणों के कलेक्ट्रेट में धरना लगा देने और उनके आक्रोश को देखते हुए कुछ ही देर में जिला कलेक्टर की तरफ से तारबंदी हटाने के आदेश जारी कर दिए गए। यह आदेश जारी हो जाने पर ग्रामीणों ने प्रशासन से कहा है कि यह आदेश कागजी नहीं होने चाहिए। इस पर अमल भी तत्काल प्रभाव से किया जाए। अन्यथा फिर से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन तथा घेराव किया जाएगा।
