
श्रीगंगानगर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने फर्जी खेल प्रमाण-पत्रों के जरिए सरकारी नौकरियों में घुसपैठ करने वाले बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में टोगोबार खेल संघ के पूर्व सचिव बुद्धाराम टाक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक(एसओजी) विशाल बंसल ने आज बताया कि एक विशेष टीम ने वर्ष 2022 में जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कमर्शियल चेन बोट द्वारा आयोजित तृतीय राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप (लेवल-1) से जुड़े फर्जी प्रमाण-पत्रों की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि खेल कोटे के आधार पर दो गुना चयन सूची में शामिल 38 अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र जमा किए थे। जयपुर में एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण (संख्या 13/2024) की गहन विवेचना में खुलासा हुआ कि इन अभ्यर्थियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरियों हासिल करने की कोशिश की। फर्जी प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के लिए ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया, धनबाद की मिलती-जुलती ई-मेल आईडी का इस्तेमाल कर बीकानेर के प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को धोखा दिया गया। इस पूरे प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 420, 467, 468, 471, 120-बी और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पहले फर्जी ई-मेल से रिपोर्ट भेजने वाले मुख्य आरोपी बिमलेन्दुकुमार झा और उसके सहयोगी कमलसिंह को 7 मई 2025 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद विगत मार्च में 38 नामजद अभ्यर्थियों में से 20 को, तीन सहयोगियों और एक दलाल को अलग-अलग तारीखों पर दबोचा गया।पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त कविता के बयान के आधार पर बुद्धाराम टाक पर शिकंजा कसा गया। कविता ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसने तृतीय राष्ट्रीय भर्ती में खेल कोटे से नौकरी पाने के लिए बुद्धाराम टाक निवासी पीपाड़ मिंडा, जोधपुर को 1.50 लाख रुपये देकर 2016-17 का बैकडेटेड राष्ट्रीय खेल प्रमाण-पत्र लिया था। पुलिस महानिरीक्षक (एसओजी) अजयपाल सांखला, उप महानिरीक्षक भुवनभूषण यादव और पुलिस अधीक्षक कुंदन कंवरिया के निर्देशन में उप पुलिस अधीक्षक महावीरसिंह यादव की टीम ने बुद्धाराम टाक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बुद्धाराम ने स्वीकार किया कि वह 2020 से 2023 तक जोधपुर जिले में टोगोबार खेल संघ का सचिव रहा। अक्टूबर 2021 में वह महिला टीम के साथ आगरा गया था, जहां रेखा और कविता जैसी खिलाड़ी शामिल थीं।वर्ष 2022 में हरियाणा के रोहतक में आयोजित थ्रो बॉल की राष्ट्रीय बैठक के दौरान बुद्धाराम की मुलाकात सतीश डूल रोहतक और विवेक हिसार से हुई। इन दोनों के साथ बुद्धाराम के घनिष्ठ संबंध हो गए। जांच में सामने आया की अभियुक्त रेखा के रिश्तेदार कैलाश निवासी तिलवासनी जिला जोधपुर ने रेखा,कविता के लिए और सुनील बिश्नोई जो कि बुद्धाराम का पुराना परिचित था, जिसने बातचीत कर बैक डेट में राष्ट्रीय खेल प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए बुद्धाराम से संपर्क किया था।इसके बाद बुद्धाराम ने अपने परिचित सतीश और विवेक से बातचीत कर ताइक्वांडो खेल के राष्ट्रीय स्तर के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने की व्यवस्था की। प्रत्येक प्रमाण पत्र के लिए लगभग 2 लाख रुपए की राशि तय हुई। सतीश द्वारा तैयार किए गए फर्जी ताइक्वांडो खेल प्रमाण पत्र बस के माध्यम से जोधपुर भेजे गए, जिन्हें बुद्धाराम ने रेखा, कविता तथा सुनील बिश्नोई को उपलब्ध करवाया। इसके बदले प्रत्येक अभ्यर्थी से डेढ़ लाख रुपए प्राप्त किये। बाद में इन अभ्यर्थियों ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती की दोगुना चयन सूची में चयनित होने पर कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा निदेशालय बीकानेर में अन्य दस्तावेज के साथ उक्त फर्जी खेल प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किये। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को उजागर करने और अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों व दलालों तक पहुंचने में जुटी है। यह घोटाला खेल कोटे में नौकरियों की सही मेरिट को प्रभावित करने का बड़ा उदाहरण है, जिससे योग्य खिलाड़ियों के अधिकारों का हनन हुआ है।
