
बेटे की शिकायत पर प्रशासन ने मजदूर को मुक्त कराया
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) जिले के अनूपगढ़ उपखंड क्षेत्र में आज एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहां एक गरीब मजदूर को 12 साल तक बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। उधार के जाल में फंसे भानीराम को रोजाना 14 से 16 घंटे जबरन काम कराया जाता था और घर जाने की भी इजाजत नहीं दी जाती थी। अंततः उसके बेटे की शिकायत पर जिला प्रशासन, पुलिस और उरमूल एनजीओ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें मुक्त करा लिया।यह मामला अनूपगढ़ के चक 19-में सामने आया है। भानीराम के बेटे ने उरमूल एनजीओ को शिकायत दर्ज कराई कि उसके पिता को खेत मालिक जबरन मजदूरी पर रखे हुए है। शिकायत मिलते ही एसडीएम दीपक चंदन के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। वहां भानीराम को खेत में काम करते हुए पाया गया। पूछताछ में भानीराम ने कबूल किया कि खेत मालिक उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे काम पर रखे हुए था।भानीराम ने अपनी दर्द भरी कहानी बताई कि वह पिछले 12 वर्षों से इसी खेत पर काम कर रहा है। करीब 6 वर्ष पहले उसने कुछ पैसे उधार लिए थे, जिसके बाद से वह मजदूरी के चंगुल में फंस गया। उसने आरोप लगाया कि उधार की राशि चुकता हो जाने के बावजूद खेत मालिक ने उसे आजादी नहीं दी। बल्कि रोजाना 14 से 16 घंटे की जबरन मजदूरी कराई जाती थी और घर लौटने की अनुमति भी नहीं थी।एसडीएम दीपक चंदन ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एनजीओ की भूमिका भी सराहनीय रही, जिसने शिकायत को आगे बढ़ाया और मजदूर की मुक्ति में मदद की।
