
दोनों गिरफ्तार आरोपी पंजाब के लुधियाना जिले के वासी
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) जैतसर थाना क्षेत्र में विगत 27 जून को सूरतगढ़ अनूपगढ़ मार्ग पर चक 5-जीबी पुलिया के पास एक कार में लगभग 10 किलो हैरोइन सहित दो व्यक्तियों के पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने अब पंजाब के दो और तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों व्यक्तियों को पंजाब और पाकिस्तान के बड़े तस्करों के बीच की कड़ी माना जा रहा है।जैतसर के पास पकड़े गए एक शख्स के समेजा कोठी थाना अंतर्गत सलेमपुरा गांव में स्थित घर से आधा किलो हैरोइन और बरामद हुई थी। इस शख्स की पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस संबंध में जैतसर तथा समेजा कोठी पुलिस थानों में दो मुकदमे दर्ज किए गए। लिहाजा दोनों मामलों में अब तक पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में दो और व्यक्ति संदिग्ध पाए गए हैं, जो कि नई मंडी घड़साना थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने इन पर शिकंजा कस दिया है।अब पकड़े गए दो व्यक्ति भी पंजाब के किसी बड़े हैरोइन तस्कर के लिए काम करते हैं। इन दोनों को आज अदालत में पेश करने पर पुलिस को रिमांड मिला है जबकि पहले से गिरफ्तार दो व्यक्ति भी रिमांड पर हैं। पुलिस के अनुसार 27 जून को जैतसर थाना में 10 किलो हैरोइन सहित दो व्यक्तियों के पकड़े जाने के दर्ज किए गए मुकदमे की जांच कर रहे सूरतगढ़ सदर थाना के प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर रामकुमार लेघा ने अमरजीतसिंह उर्फ अंबी उर्फ सरपंच रायसिख(36) वासी मनसिया बामन थाना सिधवावेट और समरजीतसिंह उर्फ सिमर रायसिख (22) निवासी खेराबेट थाना लाडोवाल हसील जगरावां जिला लुधियाना को गिरफ्तार किया गया है। यह दोनों 27 जून को सूरतगढ़ में हैरोइन की खेप आने का इंतजार कर रहे थे। अमरजीतसिंह ने धर्मेंद्रसिंह उर्फ बब्बू निवासी बाहमनी गुजरा सिधवावेट लुधियाना को अपनी कार और 1 लाख 40 हजार रुपए देकर खेप लाने के लिए भेजा था। जसविंदरसिंह से खेप लेकर सूरतगढ़ आने तथा उनके साथ वापस पंजाब जाने के इस काम के दले धर्मेंद्रसिंह को अमरजीतसिंह ने 50 हजार रुपए मेहनतान देना तय किया था। जसविंदरसिंह को पाकिस्तान के तस्करों द्वारा ड्रोन से ड्रॉप की गई हैरोइन के पैकेट सुरक्षित पहुंचाने के बदले अमरजीतसिंह ने 5 लाख रुपए देना तय किया था। इसमें से 1 लाख 40 हजार रुपए उसने खेप लाने जाते समय धर्मेंद्रसिंह उर्फ बब्बू को दे दिए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक धर्मेंद्रसिंह अमरजीतसिंह की कार लेकर सलेमपुर अनूपगढ़ के पास बताई गई लोकेशन पर पहुंचा। वहां जसविंदरसिंह पहले से मौजूद था। उसने हैरोइन के पैकेट कार में रख दिए तथा खुद भी कार में बैठ गया। वह धर्मेंद्र के साथ सूरतगढ़ दो वजह से साथ रवाना हुआ। एक तो सूरतगढ़ तक खेप को सुरक्षित अमरजीतसिंह तक पहुंचाना था तथा दूसरा उसे बाकी के 3 लाख 60 हजार रुपए मिलने थे। मगर इससे पहले ही जैतसर के पास इन दोनों को 10 किलो हैरोइन और 1 लाख 40 हजार की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बाद में जसविंदर के घर पर छापा मारा तो आधा किलो हैरोइन और मिल गई। उसकी पत्नी नवजोतकौर को भी हिरासत में ले लिया गया। उसके खिलाफ समेजा कोठी थाना में अलग से मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब धर्मेंद्र माल लेकर सूरतगढ़ नहीं पहुंचा तो वहां इंतजार कर रहे अमरजीतसिंह तथा समरजीतसिंह को शक हो गया। दोनों वहां से गायब हो गए लेकिन अब इनको पकड़ लिया गया है। पिछले 5 दिनों से रिमांड पर चल रहे धर्मेंद्र तथा जसविंदर से पुलिस के अलावा खुफिया एजेंसियों द्वारा भी कड़ी पूछताछ की गई है। इस पूछताछ में उजागर हुआ है कि जसविंदर इससे पहले भी समेजा कोठी, अनूपगढ़ और घडसाना थाना क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा से लगते इलाकों में पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन से ड्रॉप किए हैरोइन के पैकेट पंजाब के डिलीवर तक डिलीवर करता रहा है। इस काम में नई मंडी घड़साना थाना क्षेत्र में चक 4-एसटीआर निवासी उसका एक रिश्तेदार अवतारसिंह तथा चक 27-ए निवासी उसका बहनोई बलविंदरसिंह उर्फ बिंद्र भी शामिल हैं । पूछताछ में जसविंदरसिंह ने बताया कि उसके रिश्तेदार अवतारसिंह के चक 15-जीडी में स्थित सीमावर्ती खेत में पाकिस्तानी तस्करों ने 25 जून की रात को ड्रोन से 21 पैकेट ड्रॉप किए थे। अवतारसिंह ने यह पैकेट लाने के लिए उसके बहनोई बलविंदर सिंह को खेत में भेजा था। इसके बाद वह 26 जून को सुबह सवेरे जाकर यह पैकेट अपने घर ले आया था। इसमें से एक पैकेट अपने घर में पत्नी के पास छोड़ दिया। बाकी 20 पैकेट धर्मेंद्रसिंह के साथ सुरक्षित अमरजीत सिंह तक पहुंचाने के लिए जा रहा था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने अवतारसिंह तथा बलविंदरसिंह पर शिकंजा कस दिया है। वहीं अब गिरफ्तार किए गए अमरजीतसिंह तथा समरजीतसिंह से पूछताछ की जा रही है कि वे पंजाब में किन बड़े तस्करों के लिए काम करते हैं। इस मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान तस्करों के साथ जसविंदरसिंह तथा अमरजीतसिंह दोनों का ही मोबाइल व्हाट्सएप पर निरंतर संपर्क बना रहता था।
