
श्रीगंगानगर वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी राजीव अरोड़ा ने कहा कि ध्यान (मेडिटेशन) एक ऐसी सरल, सहज और प्रभावी प्रक्रिया है, जो मन और शरीर दोनों को शांत, स्वस्थ एवं संतुलित बनाने का कार्य करती है। आज की तेज़-रफ़्तार जीवनशैली में बढ़ते तनाव, चिंता और प्रतिस्पर्धा के बीच ध्यान मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरा है।जयपुर में आज मालवीय कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित गाइडेड मेडिटेशन एवं वेलनेस सेशन को संबोधित करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि प्रतिदिन कुछ मिनट ध्यान करने से मन को शांति मिलती है।एकाग्रता बढ़ती है और सकारात्मक सोच का विकास होता है। यह केवल मानसिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।श्री अरोड़ा ने विद्यार्थियों एवं युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे ध्यान को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर ही सुखी, सफल एवं सार्थक जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय ध्यान के लिए निकालें, तो न केवल व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा, बल्कि समाज भी अधिक स्वस्थ, जागरूक और संतुलित बनेगा।राजीव अरोड़ा ने प्रशिक्षकों ,डॉक्टर्स डे के उपलक्ष्य में डॉक्टर्स और चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को सम्मानित किया । स्कूल के डायरेक्टर सनी कपूर ने आभार व्यक्त किया ।
