
परिवार का आरोप- साथ गए युवकों ने घटना की सूचना छुपाई, कपड़े-मोबाइल गायब, पुलिस ने शुरू की जांच
श्रीगंगानगर (भटनेर एक्सप्रेस) अनूपगढ़ क्षेत्र के गांव 20 एएस में 10 जून को हुई एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मात्र 19 वर्षीय युवक अर्शदीपसिंह की 137 हैड वाली बड़ी नहर में डूबने से मौत हो गई, लेकिन अब उसके परिजनों को इस मौत में हत्या का गहरा संदेह है।मृतक के पिता सरबजीतसिंह ने बताया कि 10 जून को अर्शदीप गांव के ही हरप्रीतसिंह, गुरप्रीतसिंह और जसविंद्रसिंह के साथ घर से निकला था। कुछ देर बाद परिवार को जानकारी मिली कि अर्शदीप नहर में बह गया है। परिजनों ने तुरंत नहर में तलाश शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में लगातार 28 घंटे की खोजबीन के बाद 11 जून को चक 8-ए के पास नहर से अर्शदीप का शव बरामद किया गया।सरबजीत सिंह ने बताया कि जब अर्शदीप एक घंटे तक घर नहीं लौटा तो उसकी पत्नी ने उसे फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। शाम करीब 4 बजे अर्शदीप का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। बाद में गांव के कुछ लोगों से पता चला कि तीनों साथी युवक आपस में बात कर रहे थे कि अर्शदीप नहर में गिर गया है।परिवार ने सवाल उठाया कि यदि तीनों युवकों को यह बात पता थी तो उन्होंने तुरंत परिवार को सूचना क्यों नहीं दी। सरबजीतसिंह ने आरोप लगाया कि इसी वजह से तीनों युवक संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शव बरामद होने पर अर्शदीप सिर्फ हाफ पैंट पहने हुए था, जबकि उसके बाकी कपड़े और मोबाइल फोन आज तक नहीं मिल पाए हैं। नहर के आसपास भी अर्शदीप का कोई सामान नहीं मिला।सरबजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि उक्त तीनों युवकों ने उनके बेटे अर्शदीप सिंह की हत्या की है।उन्होंने पुलिस प्रशासन से इनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।रामसिंहपुर थाने के एसएचओ अजयकुमार ने बताया कि 11 जून को मृतक के पिता की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर ली गई थी। अब परिवार द्वारा हत्या का संदेह जाहिर किए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान लिए गए सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी
