
श्रीगंगानगर गंगनहर परियोजना अध्यक्ष हरविंद्र सिंह गिल के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एडीएम प्रशासन को ज्ञापन देकर फिरोजपुर फीडर पुनर्निर्माण के लिए जनवरी की बजाय 15 मार्च के बाद नहरबंदी लेने व इस दौरान किसानों को पानी देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि पंजाब में फिरोजपुर फीडर पुनर्निर्माण के लिए जनवरी में नहरबंदी लिया जाना प्रस्तावित है, लेकिन जनवरी में रबी फसलों के पकाव के लिए किसानों को सिंचाई पानी की आवश्यकता रहती है।
इसे ध्यान में रखते हुए जनवरी की बजाय 15 मार्च के बाद ही नहरबंदी ली जाए तथा नहरबंदी के दौरान पुरानी बीकानेर व ईस्टन कैनाल तथा लिंक चैनल के माध्यम से पानी देने की व्यवस्था की जाए। पंजाब में बीकानेर कैनाल की आरडी 200 से 368 तक बर्म के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो रहा है। फर्म की सफाई के लिए पंजाब सिंचाई विभाग को राजस्थान की ओर से बजट भी दिया जा चुका है, लेकिन अब तक बर्म सफाई का कार्य शुरू नहीं करवाया गया है। पंजाब से यह कार्य जल्दी से जल्दी करवाया जाए ताकि पानी का प्रवाह प्रभावित नहीं हो।
जिले में डीएपी व यूरिया की काल्पनिक किल्लत दिखाकर टैंगिग कर विक्रेताओं द्वारा किसानों को अन्य सामान बेचा जा रहा है। इस पर रोक लगाई जाए। जिले की बहुत सी मंडियों में अभी तक नरमे की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। नरमे की सरकारी खरीद सभी मंडियों में जल्द से जल्द शुरू करवाई जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। ज्ञापन देने वालों में रणजीत सिंह राजू, जीकेएस के रामकुमार सहारण सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल थे।
