
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश रविंद्र कुमार के निर्देशन में लोक अदालत में जिले में 13 बेंच का गठन किया गया। जिला मुख्यालय पर 5 बेंच गठित की गईं। जिला मुख्यालय पर गठित बेंच में अध्यक्ष एसीबी मामलों की विशेष अदालत की न्यायाधीश शैल कुमारी, एडीजे संख्या 2 अदालत के न्यायाधीश कमल लोहिया, सीजेएम नारायण प्रसाद, एसीजेएम संख्या दो मदनलाल सहारण तथा सदस्य के रूप में एडवोकेट योगेश खड़गावत, नरेश काठपाल, सतपाल सिंह व राजेंद्रपाल ने सेवाएं दी।
एडीआर सेंटर के लिए गठित बेंच में अध्यक्ष रवि प्रकाश सुथार, सदस्य तहसीलदार मनजीत सिंह, व एडवोकेट सुरेश धमीजा ने पक्षकारों से समझाइश कर मामले सुलझाए। केस एक: एसबीआई की हनुमानगढ़ रोड़ शाखा के खाता धारक गोपालराम पुत्र मूलचंद ने 13,50,000 रुपए का लोन लिया था। किन्हीं कारणों से यह रकम जमा नहीं करवा पाने से खाता एनपीए हो गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित लोक अदालत में 7,25,000 रुपए में बैंक से पीड़ित परिवार का समझौता हो गया। केस दो: नरसिंहपुरा गांव निवासी किसान जगदीश पुत्र रामलाल ने गांव की ही राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक शाखा से 6,33,198 रुपए का लोन लिया था। किसान की मृत्यु के बाद खाता एनपीए हो गया। रविवार को लोक अदालत में बैंक ने मृतक के आश्रित परिवारों से 2,20,000 रुपए में लोन चुकता करने का समझौता कर राहत दी। भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर जिले में रविवार को इस साल की आखिरी लोक अदालत का आयोजन हजारों घरों में खुशियां लेकर आया। इस लोक अदालत में विभिन्न अदालतों में कई वर्षों से लंबित चल रहे 11,258 प्रकरण रखे गए। इनमें से 6,221 मामलों में दोनों पक्षों में समझाइश से समझौता करवाकर निबटारा कर दिया गया। ऐसे ही प्री-लिटीगेशन के 68,027 मामले आए। इनमें से 49,981 मामलों में समझौता करवाकर निपटारा करवा दिया गया। इस दौरान 61 करोड़ 82 लाख 75 हजार 43 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। यह वो रकम है जिसमें विभिन्न बैंकों, बिलों की रकम पीड़ितों द्वारा जमा करवाई गई।
मूल रकम इससे दो से तीन गुना के बीच में थी। लोक अदालत के आयोजन में चीफ एलएडीसी रोहताश यादव, असिस्टेंट एलएडीसी अमनदीप चलाना, करन धवन, बार संघ अध्यक्ष हंसराज तनेजा व बार एसोसिएशन एवं एडीआर सेंटर के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। 15 बैंकों सहित सरकारी विभागों के अधिकारी मौके पर रहे मौजूद लोक अदालत में समझौते के लिए आपराधिक प्रकरण, चेक बाउंस के मामले, धन वसूली, एक्सीडेंट मामलों में क्लेम, वैवाहिक विवाद, बैंक, विद्युत, जल, उपभोक्ता, रेवेन्यू तथा अन्य सिविल प्रकृति के विवाद रखे गए। इसमें एसबीआई, आरजीबी, पीएनबी सहित विभिन्न बैंक के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इसी प्रकार डिस्कॉम, जलदाय, बीएसएनएल सहित अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। एडीआर सेंटर में लोक अदालत में आए हजारों लोगों के लिए बैठने, पेयजल व नाश्ता आदि के प्रबंध किए गए थे।
