
अफीम, एमडी ड्रग्स, केमिकल और अत्याधुनिक उपकरण बरामद
हनुमानगढ़ (भटनेर एक्सप्रेस) जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए नोहर थाना पुलिस ने गांव असरजाना के एक खेत में संचालित अवैध एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स निर्माण इकाई का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में रासायनिक पदार्थ, अफीम, एमडी ड्रग्स और ड्रग्स निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद करते हुए सरकारी पीटीआई सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा शनिवार को पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र सिंह मीना ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में किया। एसपी नरेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि जिले में नशा तस्करी, अवैध मादक पदार्थांे के कारोबार और संगठित अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत नोहर थाना पुलिस को 19 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि रविन्द्र पुत्र हनुमान सिंह राजपूत निवासी असरजाना अवैध एमडी का धंधा करता है। रविन्द्र ने असरजाना स्थित खेत में बनी ढाणी के कमरे में एमडी बनाने की फैक्ट्री लगा रखी है। रविन्द्र अपने साथियों के साथ भारी मात्रा में एमडी बना रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने डीएसटी सेक्टर नोहर के सहयोग से मौके पर दबिश दी। दबिश के दौरान पुलिस ने खेत में बने कमरे से चार युवकों को पकड़ा। इनमें सुभाष (29) पुत्र भागीरथ बिश्नोई निवासी कालूपुरा पीएस सांचौर जिला जालोर, सुनील कुमार (28) पुत्र सुगन सिंह राजपूत निवासी जाखड़ांवाली पीएस पीलीबंगा, रविन्द्र (26) पुत्र हनुमान सिंह राजपूत निवासी असरजाना पीएस नोहर, विजयपाल सिंह (26) पुत्र प्रताप सिंह राजपूत निवासी असरजाना पीएस नोहर शामिल हैं। तलाशी लेने पर वहां से 212.2 ग्राम अफीम, 5.36 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन), एमडी निर्माण में प्रयुक्त कांच के फ्लास्क, जार तथा विभिन्न रासायनिक पदार्थ बरामद हुए। पुलिस की ओर से मौके से बरामद किए गए सामान से आरोपियों की ओर से करीब एक करोड़ रुपए कीमत की करीब एक किलोग्राम एमडी बनाने की तैयारी थी।
फैक्ट्री से मिले खतरनाक रसायन
पुलिस ने मौके से चार कांच की बोतलों में रखा 4-मेथाइल प्रोपियोफेनोन, एक बोतल में बेंजीन एसीएस 99.5 प्रतिशत, 25 लीटर एसीटोन, 25 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड, 25 लीटर मेथाइलअमाइन 40 प्रतिशत तथा 2500 एमएल एन-मेथाइल-2-पाइरोलिडोन (एनएमपी) बरामद किया। पुलिस के अनुसार इन रसायनों का उपयोग सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण में किया जाता है।
गुजरात पुलिस को भी थी तलाश
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सुभाष पुत्र भागीरथ बिश्नोई के खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा थाना क्षेत्र में दर्ज एक एमडी ड्रग्स प्रकरण में भी फरार चल रहा था। पुलिस अब उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य राज्यों से जुड़े संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। एसपी के अनुसार आरोपी विजयपाल राजकीय विद्यालय में पीटीआई के पद पर कार्यरत है जबकि सुनील कुमार पीजी हॉस्टल में रहकर पुलिस की तैयारी कर रहा था। आरोपी जल्द धनवान बनने के चक्कर में एमडी बनाने के धंधे से जुड़ गए। सुनील के खिलाफ पूर्व में तीन मुकदमे दर्ज हैं। विजयपाल ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्लान बनाकर यूट्यूब आदि से एमडी तैयार करने की विधि जानी। इसके बाद कुछ एमडी बना भी ली जो पुलिस को बरामद हुई है। पुलिस ने गिरफ्तार चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।
पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एसपी मीना ने बताया कि इस मामले में पांच अन्य सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। इनमें सतीश कुमार पुत्र प्रभुदयाल नाई निवासी डूंगराना पीएस भादरा, विनोद कुमार पुत्र शंकरलाल नायक निवासी खेदासरी पीएस रावतसर, सुखदेव राजपूत पुत्र भगवान सिंह निवासी भोजेवाला पीएस राजियासर जिला श्रीगंगानगर, बलवंत राम पुत्र मुखराम नायक निवासी भोजेवाला पीएस राजियासर जिला श्रीगंगानगर और दीपचंद पुत्र महेन्द्र सिंह जाट निवासी डूंगराना पीएस भादरा शामिल हैं।
डीएसटी टीम की रही अहम भूमिका
एसपी मीना ने बताया कि पूरे ऑपरेशन में डीएसटी सेक्टर नोहर की ओर से गोपनीय सूचना जुटाने और साक्ष्य संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण और सप्लाई के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। बरामद रसायनों और उपकरणों की जांच के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। कार्रवाई में नोहर थाना प्रभारी अजय कुमार, एएसआई रामलाल, कांस्टेबल कुलदीप, तिलोका राम और मुकेश शामिल रहे। मामले का अनुसंधान नहरी पानी चोरी निरोधक थाना प्रभारी एसआई हनुमान प्रसाद की ओर से किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढऩे के साथ सिंथेटिक ड्रग्स के इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
